परिवहन निगम ने क्षेत्रीय भर्ती समिति की सांठगांठ से फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे संविदा कंडक्टर बनने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश भर में कुल 200 ऐसे संविदा कंडक्टर हैं, जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र से पद हथियाया था।
इसमें 20 अभ्यर्थी तो लखनऊ परिक्षेत्र के हैं, जिसके क्षेत्रीय प्रबंधक को परिवहन मंत्री लापरवाही के आरोप में बृहस्पतिवार रात में निलंबित कर चुके हैं।
एफआईआर दर्ज कराने का आदेश
प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम की फटकार पर आदेश के 25 दिन बाद बीते बुधवार को संबंधित प्रधान प्रबंधक ने फर्जी आईटीआई, पीआरडी एवं एनसीसी प्रमाण पत्र से बने संविदा कंडक्टरों की सूची संलग्न करते हुए सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को सरकुलर भेजकर धोखाधड़ी के तहत एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भेजा है।
क्षेत्रीय प्रबंधकों को यह भी आदेशित किया गया कि एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजे। जानकारी में आया कि इस सरकुलर को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
इसके आधार पर क्षेत्रीय प्रबंधकों ने ऐसे संविदा कंडक्टरोें के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। माना जा रहा कि 15 दिसंबर तक ऐसे संविदा कंडक्टरों पर मुकदमा दर्ज हो जाएगा।
चॉर्जशीट भी जारी
परिवहन निगम ने संविदा कंडक्टरों पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय भर्ती समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को भी भर्ती के सिलसिले में चॉर्जशीट जारी करने का सिलसिला जारी कर दिया है। मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रशासन) आरपी सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य ने अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की क्रास सत्यापन नहीं कराया।
इन प्रमाण पत्र की क्रास चेकिंग होती तो फर्जी प्रमाण पत्र धारक संविदा कंडक्टर नहीं बन पाते। ऐसे क्षेत्रीय प्रबंधकों को अब चॉर्जशीट का जवाब देना होगा।