आवास विकास परिषद के निलंबित बाबू पर 70 लाख की ठगी का केस
लखनऊ। गोमतीनगर के खरगापुर निवासी रिटायर्ड सैन्यकर्मी विनोद कुमार सिंह ने आवास विकास परिषद के निलंबित बाबू, उसकी पत्नी और बेटे पर 70 लाख की ठगी की रिपोर्ट पीजीआई थाने में दर्ज कराई है। आरोपियों पर पीड़ित व उनके दोस्त से आवास विकास प्राधिकरण की पुनर्जीवन योजना के तहत वृंदावन में मकान और प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप है।
विनोद कुमार सिंह के मुताबिक मकान व प्लॉट खरीदने के संबंध में उनकी मुलाकात वृंदावन योजना निवासी रुक्मिणी राय और उसके पति आवास विकास परिषद के बाबू राजेंद्र प्रसाद से हुई थी। सौदा होने पर आरोपियों ने उनसे 56.64 लाख रुपये ले लिए। इसी तरह का झांसा देकर ठगों ने रिटायर्ड सैन्य कर्मी के बेटे से 39 लाख रुपये भी ऐंठ लिए।
इस बीच विनोद को पता चला कि काफी समय पहले राजेंद्र ने प्राधिकरण के अन्य कर्मियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया था। मामले में उसे विभाग ने निलंबित कर दिया था। इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।