यूपीडा के पूर्व अधिकारी पर 23 लाख की ठगी का केस
लखनऊ। गोसाईंगंज पुलिस ने यूपीडा के पूर्व अधिकारी राकेश कुमार मौर्या व छह अन्य के खिलाफ ठगी की रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों ने सुशांत गोल्फ सिटी के निलमथा निवासी सेवानिवृत्त नायब सूबेदार राजेश कुमार सिंह और सूबेदार परमानंद सिंह से जमीन के नाम पर 23 लाख रुपये ऐंठे थे। पुलिस ने डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के आदेश पर कार्रवाई की है।
राजेश के मुताबिक वह और परमानंद जमीन खरीदना चाहते थे। इस संबंध में बीते साल उनकी मुलाकात गोसाईंगंज के हसनापुर निवासी उमाकांत से हुई थी। उसने खुद को यूपीडा का सलाहकार सदस्य बताया था। आरोपी ने गोसाईंगंज स्थित अपनी, भाई और किसानों की जमीन 23 लाख में दिलाने की बात कही थी। पीड़िता का कहना है कि रकम देने के बाद भी आरोपियों ने जमीन उनके नाम नहीं की। दबाव बनाने पर आरोपी ने बताया कि यूपीडा ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहित कर ली। रकम लौटा देंगे, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
यूपीडा का फर्जी लेटर थमाया
आरोप है कि आरोपी ने उन्हें झांसे में लेने के लिए यूपीडा का लेटर हेड भी दिया था जो जांच में फर्जी निकला। यही नहीं, उमाकांत ने पत्नी मनोकामिनी से कहकर दोनों पीड़ितों के खिलाफ आईजीआरएस में शिकायत भी दर्ज करा दी। पुलिस के बुलाने पर आरोपी ने गलती मान ली और रकम कुछ दिन बाद लौटाने का वादा किया। पर वह टालमटोल करता रहा। राजेश का आरोप है कि ठगी में उमाकांत, उसकी पत्नी, साथी कुलदीप, यूपीडा का पूर्व अधिकारी राकेश, संदीप कुमार, आशीष सिंह और विनय भी शामिल हैं। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक मामले की तफ्तीश चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।