रमेश का कहना है कि उन्होंने रुपया वापस मांगा तो डीआईजी ने पत्नी की तरफ से उनके खिलाफ महिला थाने में छेड़छाड़ का फर्जी केस दर्ज करा दिया। पीड़ित कारोबारी ने भी पुलिस से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में डीआईजी के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया।
इससे पूर्व भी महिला सिपाही ने डीआईजी और चंद्रपाल के खिलाफ रुपये और कार ठगने का आरोप लगाते हुए महानगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। चंद्रपाल खुद को डीआईजी का भाई बताता है। उसके खिलाफ ठगी के कई मुकदमे और भी दर्ज हैं।