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Lucknow News: अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर ट्रक चालकों से सिपाही की वसूली का मामला वायरल, जांच में जुटी खाकी

Sun, 26 Jun 2022 10:32 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ 

सार

बीबीडी थाने में तैनात सिपाही विकास तिवारी का एक वीडियो रविवार को वायरल हुआ। वीडियो नो-एंट्री प्वाइंट का है, जहां तैनात सिपाही विकास ट्रक चालक से रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है। मामले को लेकर एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
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up police demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर ट्रक चालकों से पुलिसकर्मियों की अवैध वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो सर्दी का बताया जा रहा है। हालांकि वीडियो वायरल होते ही एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आरोपी सिपाही बीबीडी थाने में तैनात है। जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई है।

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बीबीडी थाने में तैनात सिपाही विकास तिवारी का एक वीडियो रविवार को वायरल हुआ। वीडियो नो-एंट्री प्वाइंट का है, जहां तैनात सिपाही विकास ट्रक चालक से रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ देर तक वह चालक से बात करता रहा। इसके बाद चालक कुछ कदम आगे गया, फिर वापस आकर सिपाही की हथेली में रुपये पकड़ा दिए। रविवार को यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर और व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। इसकी जानकारी होते ही एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी ने जांच का आदेश दिया है। बीबीडी थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, वायरल वीडियो सर्दियों का है। वीडियो में दिख रहा सिपाही विकास तिवारी है। वीडियो बनाए जाने के समय विकास चिनहट थाने में तैनात था। मामले की जानकारी अधिकारियों को दी है। एडीसीपी पूर्वी के आदेश पर जांच की जा रही है।

वसूली करते पकड़े जा चुके हैं सिपाही व होमगार्ड
नो-एंट्री प्वाइंट पर वसूली का खेल नया नहीं है। हाल ही में संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था पीयूष मोर्डिया ने सरोजनीनगर के ट्रांसपोर्टनगर के पास से नो-एंट्री पर वसूली करते सिपाही व होमगार्ड को रंगेहाथ दबोचा था। इसके अलावा अवैध स्टैंड संचालित करने वालों को गिरफ्तार कराया था। सरोजनीनगर, चिनहट, गाजीपुर में मुकदमें भी दर्ज हुए थे।
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वीडियो वायरल कराने में सिपाहियों का ही हाथ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजधानी में नो-एंट्री प्वाइंट कमाई का बड़ा जरिया हैं। यहां तैनाती के दौरान सिपाहियों द्वारा जमकर वसूली की जाती है। इसके लिए इस प्वाइंट पर ड्यूटी लगवाने के लिए मारामारी रहती है। पुलिस के मुताबिक, विकास तिवारी के साथ दो अन्य सिपाही तैनात थे, जिनकी शिकायत हुई थी। जांच में दोनों दोषी पाए गए थे। इसके बाद उन्हें हटा दिया गया। उनको गोमतीनगर विस्तार में तैनात किया गया। फिर कुछ दिन बाद अपना स्थानांतरण कैंट थाने में करा लिया। यह वीडियो उन्हीं दोनों सिपाहियों की ओर वायरल कराने की बात कही जा रही है। इसकी भी जांच की जा रही है।
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