पिता का आरोप है कि इस मामले में वह कंपनी के अधिकारियों व ठेकेदार से शिकायत की। वहीं केस दर्ज कराने केलिए सरोजनीनगर थाने गया। लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। करीब डेढ़ साल तक वह लगातार भटकता रहा। इसके बाद 19 जून 2022 को सरोजनीनगर थाने में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक संतोष आर्य के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
आयोग के आदेश पर दर्ज हुआ केस
इस मामले में वीरेंद्र के पिता ने मानवाधिकार आयोग में 15 मई 2021 को शिकायत की थी। जिस पर लगातार सुनवाई के बाद आयोग ने पिछले सप्ताह तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक, अतिरिक्त निरीक्षक, एसएसआई व सरोजनीनगर थाने में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपनी जिम्मेदारी न निभाने का दोषी पाया। जिस पर इन सभी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। आयोग के आदेश के बाद सोमवार को सरोजनीनगर थाने के एसएसआई चंद्र प्रकाश की तहरीर पर वारदात केसमय थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।