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Lucknow News: एमजे हॉस्पिटल के संचालक समेत तीन डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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एमजे हॉस्पिटल के संचालक समेत तीन डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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लखनऊ। खदरा स्थित एमजे हॉस्पिटल के तीन डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मदेयगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि मरीज को केजीएमयू ट्रॉमा से बेहतर इलाज का झांसा देकर वहां पर भर्ती किया गया था। इलाज में लापरवाही व वसूली का आरोप था। मरीज की पत्नी ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग से शिकायत दर्ज कराई थी। जांच पूरी न होने से पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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गोलागंज की रहने वाली मुस्कान ने पति आलम को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में नवंबर में भर्ती कराया था। दलालों ने बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीज को खदरा स्थित एमजे हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया था। आरोप है कि भर्ती के वक्त मरीज ठीक था। अप्रशिक्षित स्टाफ पवन ने खुद को अस्पताल का संचालक डॉ. जुनैद बताया था। पवन के पास कोई डिग्री भी नहीं थी। आरोप है कि पति को जबरन ऑक्सीजन का ओवर डोज दे दिया गया। उसी दिन डाॅ. जुनैद और डॉ. जफर के कहने पर स्टाफ ने बेड चार्ज व दवाओं के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ऐंठ लिए। इलाज में लापरवाही से 15 नवंबर को मरीज की मौत हो गई।

मुस्कान ने मदेयगंज पुलिस व सीएमओ ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी। अस्पताल संचालक ने मौत के वक्त का वीडियो फुटेज भी नहीं दिया। इलाज करने वाले डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की डिग्री भी सीएमओ ऑफिस को नहीं मिली। ऐसे में जांच पूरी न हो सकी। इंस्पेक्टर राजेश सिंह के मुताबिक मामले की जांच चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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मरने के बाद रखा वेंटिलेटर पर, 50 हजार रुपये ऐंठे

मुस्कान का आरोप है कि पवन और अन्य स्टाफ ने पति को गलत इंजेक्शन लगा दिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई थी। 15 नवंबर की दोपहर पति की मौत हो गई। डाॅ. जुनैद, डॉ. जफर, डॉ. जावेद व अन्य स्टाफ ने यह बात छिपाई रखी और शव को दोपहर ढाई बजे वेंटिलेटर पर रख दिया। उनसे वेंटिलेटर के 50 हजार रुपये भी ऐंठ लिए। रात आठ बजे पति को मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों से शिकायत करने पर धमकाया

मुस्कान ने जब पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और डिस्चार्ज रसीद मांगी तो तीनों डॉक्टर गाली-गलौज करने लगे। आरोपियों ने स्वास्थ्य विभाग से उनकी शिकायत करने पर हत्या की धमकी दी। मृत्यु प्रमाण पत्र देने की एवज में 20 हजार रुपये मांगे। मुस्कान का आरोप है कि वह कई माह से अस्पताल के चक्कर काटती रहींं, पर मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिला। इंस्पेक्टर राजेश सिंह के मुताबिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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