नितिन राज, खदरा की यामीन, बाजारखाला के तकियाजंग का आसिफ खान, पीजीआई स्थित गैलेक्सी सिटी निवासपूजा शुक्ला, ठाकुरगंज के अहमदगंज की रुखसाना व उसके पति जियाउद्दीन, शिवपुरी हुसैनाबाद की नसरीन, राजाजीपुरम के आलमनगर की सबी फातिमा, रेहाना, रानी, हुसैनाबाद की जीनत कौशल, रऊफ, बाजारखाला के कटरा खुदायार खान निवासी उजमा परवीन, सैफुद्दीन उर्फ सैफुल हसन, फरीदीपुर के मो. वसी, पीर बुखारा निवासी सुनील बेग, यासीनगंज के फैय्याज अहमद, खदरा के मदेयगंज की आसफिया खातून उर्फ सलमा, डालीगंज की रेशमा और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इससे पहले धरनास्थल से पुलिस ने एबाद अहमद और नितिन राज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एडीसीपी ने बताया कि महिलाओं के साथ प्रदर्शन में अक्सर पुरुष भी शामिल होते है और पुलिस-प्रशासन व सरकार के खिलाफ उत्तेजक नारेबाजी करते हैं, जिससे सामाजिक विद्वेष पैदा हो रहा है।
घंटाघर व आस-पास कई पर्यटन व धार्मिक स्थल हैं, जहां देश-विदेश के लोग घूमने आते हैं। प्रदर्शनकारी विदेशी पर्यटकों से दुर्व्यवहार करते हैं। इनसे मारपीट व लूटपाट की भी कई शिकायते की गई हैं, जिनको लेकर मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं।पुलिस ने अवैध रूप से धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को नोटिस देकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे पुलिसकर्मियों पर ही दबाव बनाने के लिए सोशल मीडिया पर झूठें आरोप लगा रहे हैं।यही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर की सीढ़ियों पर कब्जा कर दीवारों पर कील ठोंककर पोस्टर-बैनर लगा ऐतिहासिक भवन को क्षतिग्रस्त किया है।
14 मार्च को हजरतगंज पुलिस ने परिवर्तन चौक पर हुई हिंसा के आरोप में एबाद अहमद और अब्दुल हफीज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जो हाल ही में जमानत पर जेल से छूट कर आए थे। प्रदर्शनकारी महिलाओं नें दोनों को संविधान सेनानी बताकर सम्मानित करने का आह्वान किया था। दोनों दंगा आरोपियों को घंटाघर पर बुलाकर सम्मानित करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी डाली थी।