लखनऊ। गोमतीनगर में 11 फरवरी को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला जीआरडीओ की मौत के मामले में पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों, इंजीनियर और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गोमतीनगर पुलिस ने यह कार्रवाई मृतका के भाई बलिया के सिकंदरपुर निवासी प्रदीप कुमार गुप्ता की तहरीर पर की है।
प्रदीप के मुताबिक उनकी बहन अंकिता गुप्ता (26) गोमतीनगर के विराटखंड स्थित हॉस्टल में रहती थीं। वह मध्याह्न भोजन प्राधिकरण निदेशक कार्यालय में गवर्नमेंट रिलेशन डॉक्यूमेंटेशन ऑफिसर (जीआरडीओ) के पद पर कार्यरत थीं। 11 फरवरी की शाम अंकिता विराटखंड निवासी सहकर्मी मुस्कान के घर गई थीं। रात 11 बजे दोनों मकान की छत पर पहुंची थीं, तभी रेलिंग के अंदर से गुजर रही 11 केवी की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर अंकिता बुरी तरह झुलस गईं। उन्हें सहेली ने लोगों की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रदीप का आरोप है कि उनकी बहन की जान मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) के अधिकारियों व इंजीनियरों की लापरवाही के कारण गई है। विभाग ने रिहायशी मकान की छत के इतने करीब बिना इंसुलेशन के हाईटेंशन तार छोड़ा था।
लापरवाही छिपाने के लिए विभाग ने दूर कर दी लाइन
प्रदीप ने बताया कि घटना के बाद अधिकारियों ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए आनन-फानन घटनास्थल पर जाकर उसी हाईटेंशन तार को खींचकर मकान से दूर कर दिया। प्रदीप का कहना है कि बहन का अंतिम संस्कार और अन्य काम करने के कारण देरी होने पर उन्होंने 18 फरवरी को गोमतीनगर थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुरानी हाइटेंशन लाइन के पास में अवैध रूप से निर्माण किया गया था। इस सिलसिले में मकान मालिक को नोटिस भी जारी किया गया था। इस घटना के लिए मकान मालिक जिम्मेदार है। मकान मालिक का आरोप है कि लाइन को हटवाने के लिए कई बार जिम्मेदारों से मिले। यह आरोप गलत है। उसने एक बार भी कोई आवेदन कार्यालय में रिसीव नहीं कराया है।
-शुभम सिंह, एसडीओ, विश्वासखंड गोमतीनगर