रविवार को पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंकने के बाद भाजपा ने राजधानी में सपा सरकार के खिलाफ 25 जून से एक सप्ताह के जंग का ऐलान किया है।
इस दौरान रोज विधानभवन पर प्रदर्शन का फैसला किया गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस दौरान अलग-अलग दिन अलग-अलग संगठनों को सड़कों पर उतारने की रणनीति बनाई है।
प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन बताया कि 25 जून को समाजिक न्याय मोर्चा का विधानभवन पर प्रदर्शन होगा जिसके प्रभारी प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह होंगे।
ये रहा पूरा ब्यौरा
26 जून को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदर्शन होगा, इसका प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शिव प्रताप शुक्ल को बनाया गया है। किसान मोर्चा 27 जून को प्रदर्शन करेगा, इसका प्रभारी पूर्वमंत्री एवं विधायक धर्मपाल सिंह को बनाया गया है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा को 30 जून को प्रदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका प्रभारी प्रदेश मंत्री दयाशंकर सिंह और अनूप गुप्ता को बनाया गया है। अनुसूचित जाति मोर्चा 1 जुलाई को प्रदर्शन करेगा।
इसका प्रभारी विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा पासवान तथा सांसद कौशल किशोर को बनाया गया है। अनुसूचित जनजाति मोर्चा को 4 जुलाई को प्रदर्शन का जिम्मा दिया गया है।
इसका प्रभारी प्रदेश मंत्री डॉ समीर सिंह को बनाया गया है। महिला मोर्चा 7 जुलाई को प्रदर्शन करेगा। इसकी प्रभारी प्रदेश मंत्री अनुपमा जायसवाल बनाई गई हैं।
सपा-भाजपा के घमासान में तीन मुकदमे
महंगाई और रेल किराए में वृद्धि को लेकर विधानभवन के सामने शनिवार को सपा व भाजपा कार्यकर्ताओं की भिड़ंत व पथराव को लेकर तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
चौकी इंचार्ज ने भाजपाइयों के खिलाफ मामला दर्ज कराया, जबकि सपा-भाजपा नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है।
पुलिस के मुताबिक, चौकी इंचार्ज विजयवीर सिंह सिरोही ने 40-50 भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई।
उधर, सपा की पूर्व पार्षद नसीम जहां ने कैसरबाग कोतवाली में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। इसकी तफ्तीश हजरतगंज पुलिस को सौंपी गई है।