दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के मामले में कार्रवाई को लेकर कठघरे में खड़ी राजधानी पुलिस की शर्मसार करने वाली हरकत सामने आई है। गाजीपुर थाने की पुलिस ने किशोरी से घिनौनी हरकत करने वाले आरोपी को पकड़ने के बजाय, शिकायत लेकर गई मां से अपनी पहचान साबित करने को कह डाला।
महिला आधार कार्ड लेकर आई तो पुलिस ने उसे आजमगढ़ का बताते हुए लेने से इन्कार कर दिया। पुलिसकर्मियों ने पीड़िता से लखनऊ के पते से आधारकार्ड बनवाने और जाति व निवास प्रमाणपत्र लाने की बात कहकर टरका दिया। यह मामला इंदिरानगर के एक गांव में झोपड़ी बनाकर रह रहे मजदूर के परिवार का है।
मूलरूप से आजमगढ़ निवासी मजदूर यहां पत्नी, दो बेटों व 12 साल की बेटी के साथ रहता है। पत्नी घरों में चौका-बर्तन करती है जबकि बेटे किसी दुकान में काम करते हैं। चारों काम पर चले जाते हैं, तो बच्ची घर पर अकेली रह जाती है। शुक्रवार दोपहर महिला काम निपटाकर घर पहुंची तो नजारा देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। झोपड़पट्टी में ही रहने वाला राजू अंसारी मासूम बच्ची का मुंह दबाकर जबरदस्ती करने की कोशिश कर रहा था।
बच्ची ने संघर्ष किया तो उसके कपड़े फट गए। बच्ची की मां ने शोर मचाया तो राजू भाग निकला। पीड़िता बेटी को लेकर गाजीपुर थाना पहुंची और राजू अंसारी के खिलाफ जबरन घर में घुसकर अश्लील हरकतें व पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया। पुलिस राजू को पकड़कर थाने लाई लेकिन क्या कार्रवाई की? इस बारे में पीड़िता को जानकारी नहीं दी।