पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए न्यूमोकॉकल कॉन्जगेट वैक्सीन (पीसीवी) लगाने का अभियान छह और जिलों में शुरू होगा। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए लखनऊ, हरदोई, बाराबंकी, फैजाबाद, गोंडा और बस्ती का चयन किया गया है। इससे पहले सीतापुर, सिद्धार्थ नगर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रवास्ती, बलरामपुर में इसे नियमित टीकाकरण में शामिल किया जा चुका है।
इस वैक्सीन की तीन डोज बच्चों को दी जाएगी। ये वैक्सीन बच्चों को निमोनिया, मस्तिष्क व खून में संक्रमण से बचाएगी।
मिशन इंद्रधनुष की सफलता के बाद अब निमोनिया से होने वाली मौतों को रोकने के अभियान में छह नए जिले जोड़े गए हैं। इसी वर्ष यहां भी नियमित टीकाकरण के साथ न्यूमोकॉकल वैक्सीन लगाई जाएगी। नवजात का छह सप्ताह, 10 सप्ताह और 14 सप्ताह पर टीकाकरण होगा। इसके बाद नौ महीने का होने पर एक बूस्टर डोज दी जाएगी।
ये वैक्सीन नवजात को निमोनिया के साथ मस्तिष्क के संक्रमण (मेनेंजाइटिस) और खून के संक्रमण से भी बचाएगी। नेशनल हेल्थ मिशन के महाप्रबंधक डॉ. विकास सिंघल ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत अप्रैल 2015 में हुई थी। जिस समय ये अभियान शुरू हुआ था उस दौरान प्रदेश में टीकाकरण मात्र 63 फीसदी था। ये विश्व स्वास्थ्य संगठन का आंकड़ा है।