लखनऊ के लोहिया संस्थान में सोमवार को बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती को भी कोरोना जांच के लिए कतार में खड़ा करवा दिया गया। इसी दौरान उसका प्रसव हो गया। आनन-फानन महिला को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। लोहिया संस्थान प्रशासन ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
वहीं, डॉक्टर समेत पांच लोगों को ड्यूटी से हटा दिया गया। साथ ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उधर, जच्चा-बच्चा की स्थिति ठीक है। इंदिरानगर सेक्टर ए निवासी कल्पना दीक्षित सुबह करीब 8 बजे लोहिया संस्थान पहुंचीं। वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थीं, फिर भी डॉक्टर घंटे भर तक उसे टरकाते रहे।
बाद में कोरोना जांच के लिए कहा गया। आरोप है कि जांच के लिए रुपये जमा करने को कहा गया। पति रुपयों का इंतजाम करने चले गए। इसी दौरान कतार में लगी गर्भवती को रक्तस्राव होने लगा। तेज दर्द के बाद कल्पना वहीं गिर पड़ीं। तीमारदार की सूचना पर डॉक्टर व कर्मचारी पहुंचे तब तक प्रसव हो गया था। पति अमन दीक्षित का आरोप है कि एक दिन पहले भी वह इमरजेंसी में आए थे और पत्नी को भर्ती करने की गुजारिश की थी, लेकिन डॉक्टरों ने लौटा दिया। सोमवार को भी उन्हें घंटों दौड़ाया गया।