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पहले इलाज में लापरवाही, मौत के बाद ऑक्सीजन लगा किया रेफर

Mon, 20 Jun 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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महिला रेखा वर्मा - फोटो : amar ujala
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राजधानी में कुर्सी रोड स्थित ग्रीन सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते एक प्रसूता की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घरवालों का आरोप है कि प्रसूता का टांका फट जाने से अधिक खून बह गया। अस्पताल वालों ने खून लाने को कहा, खून नहीं मिला और प्रसूता की मौत हो गई।
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इसके बाद डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए, मृतक को ऑक्सीजन लगाकर दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया था। वहां जाने पर पता चला कि महिला की मौत तो पहले ही हो गई थी। रेखा के पति अमित और ससुर राम सागर ने 10 जून को सीएमओ से शिकायत करते हुए डॉक्टरों और अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सीतापुर के थनैथपुर में रहने वाली रेखा वर्मा (25) को प्रसव पीड़ा होने पर घरवाले ग्रीन हॉस्पिटल लेकर आए थे। मामला सात मई का है। उसी दिन रात 12 बजे रेखा ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। अगले दिन तड़केडॉक्टरों ने बताया कि रेखा को जो टांका लगा था, वह फट गया है।
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लगातार खून बह रहा है, किडनी ने काम करना बंद कर दिया है। रेखा की हालत बिगड़ती गई। उधर घरवाले खून का इंतजाम करने में लगे रहे। इस बीच रेखा को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद भी हालत नहीं सुधरी तो ग्रीन सिटी हॉस्पिटल से उसे दूसरे अस्पताल ले जाने को कह दिया गया।

35 हजार रुपये वसूलने के बाद किया रेफर

महिला रेखा वर्मा का परिवारीजन - फोटो : amar ujala
रेखा के ससुर राम सागर वर्मा का आरोप है कि ग्रीन सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर इलाज के बहाने पैसा वसूलते रहे। सुबह नौ बजे तक 35 हजार रुपये ले लिए।

इसके बाद डॉक्टरों ने रेखा को मृत अवस्था में ऑक्सीजन लगाकर ट्रॉमा रेफर कर दिया। मरीज को दूसरे निजी अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की मौत कई घंटे पहले हो चुकी है।

नहीं दिया डेथ सर्टिफिकेट, मांगा 20 हजार रुपये
अमित का कहना है कि वे नौ मई को डेथ सर्टिफिकेट लेने ग्रीन सिटी हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टरों और स्टाफ ने सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया।

इसके बाद कहा कि इलाज पर और 20 हजार रुपये खर्च हुआ है पहले जमा करो तब डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

परिवारीजनों का आरोप है कि ग्रीन सिटी के डॉक्टर अपने अस्पताल के नाम से डेथ सर्टिफिकेट जारी नहीं करना चाहते थे इसीलिए उन्होंने मृत अवस्था में उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।

इलाज के कागजात देने से किया इंकार

ग्रीन सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने रेखा को जब दूसरे अस्पताल रेफर किया तो एक सादे कागज पर सामान्य रिपोर्ट बना दी।

रेखा की मौत के बाद परिवारीजन इलाज के कागजात के लिए ग्रीन सिटी हॉस्पिटल पहुंचे तो कोई भी कागज देने से मना कर दिया। जबकि हाईकोर्ट और स्वास्थ्य विभाग का सख्त निर्देश है कि किसी निजी अस्पताल में मरीज का इलाज होता है तो उसके इलाज पर आने वाले खर्च और इलाज का पूरा ब्यौरा देना जरूरी है।

डॉक्टरों का नाम तक नहीं बताया
अमित का आरोप है कि रेखा का ऑपरेशन तीन डॉक्टरों की टीम ने किया। ऑपरेशन के दौरान कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं था।
अप्रशिक्षित डॉक्टरों ने सिजेरियन केस किया जो रेखा की जान पर भारी पड़ गया। रेखा की मौत के बाद ऑपरेशन टीम में कौन डॉक्टर शामिल थे परिवारीजनों को इसकी जानकारी देने से भी अस्पताल ने मना कर दिया।
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शिकायत मिलने पर सीएमओ ने दिया जांच का आश्वासन

इस पर सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि ग्रीन सिटी हॉस्पिटल में रेखा नाम की प्रसूता की मौत के मामले की शिकायत मिली है। इस मामले की जांच कराई जाएगी।

अस्पताल में प्रसूता का ऑपरेशन किन डॉक्टरों ने किया ये जानकारी जुटाने के साथ उनसे पूछताछ होगी। लापरवाही की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।

नहीं बरती गई कोई लापरवाही
ग्रीन सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. विनीत का कहना है कि रेखा वर्मा का ऑपरेशन अस्पताल के डॉ. अमित गुप्ता और सुंदरिका यादव ने किया था। डेढ़ साल पहले रेखा का ऑपरेशन हुआ था। उसका टांका दोबारा ऑपरेशन के दौरान टूट गया। खून अधिक बह गया तो घरवालों से ब्लड का इंतजाम करने को कहा गया था। वह खून का इंतजाम न कर सके।

सुबह हालत बिगड़ी तो उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई। डॉ. सुंदरिका कहीं बाहर हैं, इस वजह से डेथ सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है। परिवारीजनों के सभी आरोप गलत हैं।
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