राजधानी और उसके आसपास जिलों के मरीजों का इलाज मुश्किल हो गया है। राजधानी के ज्यादातर बड़े सरकारी अस्पतालों में बेड फुल हो चुके हैं।
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार को कुछ ऐसे ही हालात रहे जहां बुखार के गंभीर मरीज सुबह से इमरजेंसी के बाहर जमीन पर इलाज की आस में पड़े रहे।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओंकार यादव का कहना है कि इस वक्त मरीजों की भीड़ काफी बढ़ गई है जिससे इमरजेंसी में तुरंत बेड मुहैया कराना मुश्किल हो रहा है।
शिफ्टिंग करने के साथ मरीजों को लगातार डिस्चार्ज किया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद बेड की किल्लत बनी हुई है।
पहले दौड़ाया, फिर दवा देकर टरका दिया
फैजाबाद की शालू पांडेय (35) को पिछले 15 दिनों से तेज बुखार है। उनका इलाज वहीं के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बुधवार जब शालू की हालत ज्यादा खराब हुई तो परिवारीजन उन्हें बृहस्पतिवार सुबह लोहिया अस्पताल ले आए।