राजभवन में तैनात सिपाही बुखार के बाद सिविल पहुंचा तो इमरजेंसी में बरती गई लापरवाही उसकी जान पर बन आई है। मरीज को ईएमओ के कहने पर कूल्हे में इंजेक्शन लगाया गया। कुछ घंटे बाद मरीज का पैर तेजी से नीला होने लगा। इसे देख डॉक्टरों ने सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके ओझा का कहना है कि ये कोई गंभीर मामला नहीं है। कुछ दिन तक इलाज चलने के बाद स्थिति सुधर जाएगी।
मूल रूप से शाहजहांपुर के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद (45) पीएसी में सिपाही हैं। उनकी राजभवन में ड्यूटी है। तेज बुखार के बाद 18 नवंबर को सुबह करीब नौ बजे उनके साथी उनको सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। ईएमओ ने कुछ दवा और इंजेक्शन दिया।
इसके बाद वापस भेज दिया।
शाम पांच बजे तक हालत नहीं सुधरी तो दोबारा अस्पताल पहुंचे। राजेंद्र प्रसाद का आरोप है कि शाम को इमरजेंसी ट्रीटमेंट रूम में तैनात महिला फार्मासिस्ट ने पेनकिलर और एंटीबायोटिक इंजेक्शन डॉक्टर के निर्देश पर लगाया। इंजेक्शन लगाते ही बहुत तेज दर्द हुआ।