रायबरेली के एक गोदाम में कार्बाइड गैस से पकाया जा रहा है पपीता
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अगर आप पपीता यह समझ कर खा रहे हैं कि इससे आप सेहतमंद रहेंगे तो यह आपकी भूल हो सकती है। कारण रायबरेली की मंडी में पपीते के थोक विक्रेताओं के गोदाम से भरे पपीते के नमूने में कार्बाइड गैस मिली है।
लखनऊ की विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में पपीते के दोनों नमूने सेहत के लिए खतरनाक घोषित किए गए हैं। कार्बाइड से पकाए गए इन पपीते का अधिक समय तक सेवन करने से कैंसर का खतरा रहता है।
रिपोर्ट आने के बाद दोनों ही दुकानदारों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुकानदारों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
15 फरवरी को शहर की गल्ला मंडी से एफएसओ स्वाती सिंह व अंजली श्रीवास्तव ने पपीतों के नमूने सील किए थे। नमूनों को जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था।
कार्बाइड से पके फल खतरनाक
डेमो
इसकी जांच रिपोर्ट आ गई है। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में पपीते के नमूनों को सेहत के लिए खतरनाक पाया गया। पपीतों में कार्बाइड गैस मिली है।
ऐसी स्थिति में दोनों ही नमूूने असुरक्षित घोषित किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद सुजीत कुमार फ्रूट कंपनी के मालिक सुजीत कुमार व मुकेश कुमार सोनकर के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल का कहना है कि कार्बाइड से पकाए गए फल सेहत केे लिए काफी खतरनाक हैं। कार्बाइड से पके पपीते के सेवन से पाचन शक्ति घट जाती है। गैस से संबंधित बीमारियां होती हैं।
कार्बाइड से पकाए फलों से बचें
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अधिक समय तक कार्बाइड से पकाए फलों के सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। सीजन में आम भी कार्बाइड से पका हुआ बाजार में आता है। ऐसे फलों के सेवन से बचने की जरूरत है, वरना आप बीमार हो सकते हैं।
'शहर की गल्ला मंडी से पपीते का नमूना भरवाया गया था। दोनों ही नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। पपीते को कार्बाइड गैस से पकाया गया था, जिसके कारण विधि विश्लेषक प्रयोगशाला ने नमूनों को असुरक्षित घोषित कर दिया है। एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभियान शुरू करके कार्बाइड से पकाए जाने वाले फलों का नमूना भरवाया जाएगा।' - शशांक त्रिपाठी, अभिहित अधिकारी एफएसओ