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फरवरी में भी नहीं होंगे छावनी परिषद के चुनाव

Fri, 06 Dec 2013 01:39 AM IST
निशांत यादव/लखनऊ
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इस वर्ष दिसंबर में देश की 58 छावनी परिषद के आम चुनाव की तैयारियों पर रक्षा मंत्रालय ने पानी फेर दिया है।
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रक्षा मंत्रालय एक जनवरी 2014 से छावनी परिषदों के निर्वाचित सदन को छह माह का विस्तार देने जा रहा है।

इतना ही नहीं दिसंबर 2013 और फरवरी 2014 को चुनाव कराने की रक्षा संपदा भवन की फाइल को भी लोकसभा चुनाव के चलते लौटा दिया है।

रक्षा मंत्रालय के चुनाव न कराने के फैसले से छावनी परिषद बैरी बोर्ड (तदर्थ सदन) की ओर बढ़ रहा है। देश की 58 छावनी परिषद का चुनाव मई 2008 में हुआ था। सभी छावनियों में अलग-अलग तारीख को निर्वाचित सदन को शपथ दिलाई गई।

लखनऊ छावनी परिषद के सदन ने 14 जून 2008 को शपथ ली थी। इस सदन का पांच वर्ष का कार्यकाल 14 जून 2013 को समाप्त हो गया था।

रक्षा मंत्रालय ने 31 दिसंबर तक निर्वाचित सदन का पहला विस्तार किया। इसके बाद नवंबर के अंतिम व दिसंबर के पहले सप्ताह में चुनाव कराने के लिए सभी छावनियों के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) को अगस्त में पत्र भेजा था।
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लखनऊ छावनी परिषद ने 16 सितंबर से पहले अनुसूचित जाति/जनजाति वार्ड के आवंटन और लॉटरी से तीन नए महिला वार्डों के आरक्षण के साथ मतदाता सूची बनाकर पूरी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेज दी थी।
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इस बीच दिल्ली सहित चार राज्यों के विधान सभा चुनाव के कारण सभी सीईओ व रक्षा संपदा अधिकारी (डीईओ) की ड्यूटी पर्यवेक्षक के रूप में कर दी गई।

रक्षा संपदा महानिदेशक रविकांत चोपड़ा ने आठ दिसंबर 2013 और 23 फरवरी 2014 की चुनाव की तिथि का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय भेजकर अनुमति मांगी थी।

फाइल संयुक्त सचिव एसके झा ने रक्षा मंत्रालय भेजी थी। मंत्रालय ने दोनों ही तारीखों में चुनाव कराने के प्रस्ताव को अनुमति देने से इन्कार कर दिया है।

रक्षा मंत्री एके एंटोनी ने लिखा है कि फरवरी 2014 में आम लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है लिहाजा फरवरी में चुनाव कराना संभव नहीं है।

ऐसे में चुनाव अब लोकसभा चुनाव के बाद ही हो सकेंगे। इधर 31 दिसंबर को निर्वाचित सदन के कार्यकाल का पहला विस्तार समाप्त हो रहा है।

हालांकि संयुक्त सचिव की ओर से एक जनवरी से छह माह के विस्तार का आदेश अब तक छावनी परिषदों को नहीं मिला है लेकिन मौखिक तौर पर इसकी सूचना भेज दी गई है।

वैरी बोर्ड की ओर बढ़ा निर्वाचित सदन
छावनी परिषद अधिनियम 2006 के तहत निर्वाचित सदन का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। जबकि केवल दो बार छह माह का विस्तार मिल सकता है।

यदि इसके बाद भी चुनाव न होने पर वैरी बोर्ड लागू हो जाएगा। जनवरी से जून 2014 तक छह माह के विस्तार के बीच यदि चुनाव नहीं हुए तो जुलाई 2014 से निर्वाचित सदन को भंग कर वैरी बोर्ड लगाया जाएगा।

ऐसे में रक्षा मंत्रालय से नामित उपाध्यक्ष और सैन्य प्रशासन मिलकर विकास कार्य कराएंगे। मई 2008 से पहले भी छावनी परिषद में वैरी बोर्ड था।
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