प्रदेश में हो रहे निकाय चुनाव के दूसरे चरण में छह नगर निगमों में महापौर पद के लिए 31 करोड़पति चुनाव मैदान में हैं। महापौर और पार्षद का चुनाव लड़ने वालों में 36 से 45 साल की उम्र वाले सबसे ज्यादा हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण में नगर निगमों, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों केउम्मीदवारों का ब्योरा बृहस्पतिवार को जारी किया।
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खास बात यह है कि इस बार जहां आपराधिक छवि के लोगों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम है, वहीं पढ़े-लिखे लोगों का निकाय चुनाव के प्रति रुझान बढ़ा है। मेयर पद के लिए दो तथा पार्षद के लिए 18 पीएचडी उपाधि धारक चुनाव लड़ रहे हैं।
दूसरे चरण में 26 नवंबर को लखनऊ, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा, इलाहाबाद व वाराणसी नगर निगम में चुनाव होना है। इनमें मेयर के लिए 83 तथा पार्षद के लिए 4,344 उम्मीदवार मैदान में हैं। मेयर के लिए 41 पुरुष तथा 42 महिलाएं, जबकि पार्षद के लिए 2767 पुरुष व 1577 महिला प्रत्याशी किस्मत आजमा रही हैं।
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मेयर का चुनाव लड़ रहे 22 उम्मीदवार एक करोड़ रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति के मालिक हैं जबकि नौ के पास एक करोड़ से ज्यादा की चल संपत्ति है। बाकी उम्मीदवार भी लखपति हैं। मेयर के लिए 29 उम्मीदवार 36-45 साल के हैं जबकि 46-60 साल उम्र वाले प्रत्याशियों की संख्या 27 है।
60 साल से ज्यादा उम्र के 13 प्रत्याशी मैदान में हैं जबकि 14 प्रत्याशियों की उम्र 21-35 साल के बीच है। पार्षद के लिए सबसे ज्यादा 1583 उम्मीदवार 21-35 साल के हैं जबकि 1546 उम्मीदवारों की उम्र 36-45 साल के बीच है। 46-60 साल के उम्मीदवारों की संख्या 1058 है। 157 उम्मीदवार 60 साल से ऊपर के हैं।
सिर्फ चार का आपराधिक इतिहास
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मेयर के उम्मीदवारों में सिर्फ चार का आपराधिक इतिहास है। 75 उम्मीदवार साफ-सुथरी छवि के हैं। चार उम्मीदवारों का ब्योरा आयोग के पास उपलब्धनहीं है। मेयर के उम्मीदवारों में 18 परास्नातक, 26 स्नातक, दो डिप्लोमाधारक, आठ इंटरमीडियट, 10 हाईस्कूल, नौ जूनियर हाईस्कूल तथा पांच प्राइमरी पास हैं। तीन उम्मीदवार निरक्षर हैं। पार्षद के लिए 425 अंगूठाटेक मैदान में हैं।
नगर पालिका परिषदों के लिए भी मालदार प्रत्याशी ज्यादा
नगर निकाय चुनाव
- फोटो : self
दूसरे चरण में नगर पालिका परिषदों के चेयरमैन के लिए 638 तथा सदस्य के लिए 9643 उम्मीदवार मैदान में हैं। चेयरमैन पद के लिए 341 पुरुष तथा 297 महिला उम्मीदवार हैं। चेयरमैन का चुनाव लड़ रहे 146 उम्मीदवार एक करोड़ से ज्यादा की अचल व 32 एक करोड़ से ज्यादा चल संपत्ति के मालिक हैं। चेयरमैन पद के उम्मीदवारों में 17 का आपराधिक इतिहास है जबकि 600 साफ-सुथरी छवि के हैं। 21 का ब्योरा अयोग के पास उपलब्ध नहीं है। चेयरमैन पद के लिए सबसे ज्यादा 240 उम्मीदवार 46-60 वर्ष के हैं जबकि 239 उम्मीदवार 36-45 वर्ष के हैं। 103 उम्मीदवार 21-35 साल के हैं तथा 56 उम्मीदवार 60 साल से ऊपर के हैं। चेयरमैन का चुनाव लड़ने वालों में पांच पीएचडी धारक हैं जबकि 83 स्नातकोत्तर डिग्रीधारक हैं। 40 अगूंठाटेक भी चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज होने के लिए किस्मत आजमा रहे हैं।
नगर पंचायत चेयरमैन के लिए 46-60 साल के उम्मीदवार ज्यादा
चुनाव में एचपीयू के लेफ्टआउट कर्मियों का मत निर्णायक होगा।
दूसरे चरण में नगर पंचायतों केचेयरमैन के लिए 1387 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 776 पुरुष व 611 महिलाएं हैं। सदस्य के लिए 8554 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। चेयरमैन पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे 519 उम्मीदवार 46-60 साल की उम्र के हैं जबकि 485 प्रत्याशी 36-45 साल की उम्र के हैं। 245 उम्मीदवारों की आयु 21-35 साल के बीच है। 138 उम्मीदवार 60 साल के ऊपर के हैं। चेयरमैन के 184 उम्मीदवारों के पास एक करोड़ से ज्यादा की अचल संपत्ति है जबकि 10 के पास एक करोड़ से ज्यादा की चल संपत्ति है। नगर पंचायत चेयरमैन के नौ उम्मीदवार पीएचडी धारक हैं जबकि 161 निरक्षर हैं। चेयरमैन पद के उम्मीदवारों में 39 का आपराधिक इतिहास है, वहीं 1311 साफ-सुथरी छवि के हैं। 37 उम्मीदवारों का ब्योरा आयोग के पास उपलब्ध नहीं है।