जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ रहा है दागी उम्मीदवारों की संख्या घट रही है और शिक्षित उम्मीदवारों की तादाद बढ़ रही है। लगभग सभी प्रमुख दलों ने पढ़े लिखे उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है, जो भविष्य के लिए शुभ संकेत है।
विज्ञापन
तीसरे चरण में 14 फीसदी दागी मैदान में हैं। कुल 826 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें से 813 के हलफनामे के आधार पर इलेक्शन वॉच ने जो रिपोर्ट जारी की है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि चुनाव में दागी उम्मीदवारों की भागीदारी कम हो रही है।
13 उम्मीदवारों के हलफनामे की लिखावट साफ नहीं थी, अत: उनका विश्लेषण नहीं किया जा सका।
मंगलवार को एडीआर के संयोजक संजय सिंह ने इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट मीडिया के सामने रखी। तीसरे चरण के 110 उम्मीदवारों ने खुद पर दर्ज मुकदमों का जिक्र किया है। इनमें 82 पर गंभीर मामले हैं।
विज्ञापन
सात उम्मीदवारों पर हत्या, 11 पर हत्या के प्रयास, छह पर महिला उत्पीड़न और पांच पर अपहरण के मुकदमे दर्ज हैं। किसी भी पार्टी ने दागी उम्मीदवारों से परहेज नहीं किया।
67 में से 21 दागी बसपा से
बसपा ने 67 में से 21 दागियों को मैदान में उतारा है, जो कुल 31 प्रतिशत है। दूसरे नंबर पर भाजपा है जिसके 68 उम्मीदवारों में 21 दागी हैं। सपा में सबसे कम यानी 59 में 13 दागी हैं। कांग्रेस के 14 में पांच उम्मीदवार दागी हैं। सर्वाधिक आपराधिक मामले बसपा प्रत्याशियों के खिलाफ हैं।
158 पोस्ट ग्रेजुएट और 12 पीएचडीधारी भी मैदान में
तीसरे चरण में पढ़े लिखे उम्मीदवारों का ग्रॉफ बढ़ा है। इस चरण में पांचवीं या इससे कम शिक्षित उम्मीदवारों की संख्या 79 है। इंटरमीडिएट तक के उम्मीदवारों की संख्या 294 है। 164 ग्रेजुएट, 84 ग्रेजुएट प्रोफेशनल, 158 पोस्ट ग्रेजुएट और 12 पीएचडी धारी मैदान में हैं।
भाजपा के 68 उम्मीदवारों में से 16 ग्रेजुएट, 14 ग्रेजुएट प्रोफेशनल और 24 पोस्ट ग्रेजुएट मैदान में हैं। सपा के 16 ग्रेजुएट, 12 ग्रेजुएट प्रोफेशनल और 15 पोस्ट ग्रेजुएट चुनाव लड़ रहे हैं। बसपा उम्मीदवारों में 20 ग्रेजुएट, 9 ग्रेजुएट प्रोफेशनल और 22 पोस्ट ग्रेजुएट हैं।
कम हुई करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या
- फोटो : लाल सिंह
करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या भी इस चरण में कम हुई है। 826 में 250 उम्मीदवार करोड़पति हैं, जो कुल 31 प्रतिशत है। यह आंकड़ा पिछले दो चरणों के मुकाबले कम है।
पिछले दो चरणों में 36-36 प्रतिशत करोड़पति मैदान में थे। इस बार उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.61 करोड़ रुपये है, जो पिछले चरण से कम है।
इन पर महिला उत्पीड़न का केस
उदयराज--सपा--पुरवा--उन्नाव
संदीप कुमार--बसपा--किदवईनगर--कानपुर
आसिफ मिर्जा--पूर्ण स्वराज मंच--अमृतपुर--फर्रुखाबाद
गौरव कुमार--निर्दलीय--फर्रुखाबाद
बृजमोहन--निर्दलीय--सरोजनीनगर--लखनऊ
टॉप टेन करोड़पति उम्मीदवार
डेमो
- फोटो : demo pic
प्रत्याशी--पार्टी--सीट--जिला--संपत्ति
अनूप कुमार गुप्ता--सपा--महोली--सीतापुर --42.07 करोड़
अजय कपूर--कांग्रेस--किदवईनगर--कानपुर नगर--31.39 करोड़
सीमा सचान--सपा--सिकंदरा--कानपुर देहात--29.14 करोड़
मोहम्मद उमर खां--बसपा--फर्रुखाबाद--फर्रुखाबाद--7.69 करोड़
शिव कुमार गुत्ता--सपा--सेवता--सीतापुर--6.78 करोड़
तस्कीन--निर्दल--छिबरामऊ--कन्नौज--3.62 करोड़
सत्यदेव पचौरी--भाजपा--गोविंदनगर--कानपुर--2.74 करोड़
अनिल कुमार सिंह--बसपा--पुरवा--उन्नाव--2.69 करोड़
निर्मल तिवारी--बसपा--गोविंदनगर--कानपुर--2.55 करोड़
नीरज बोरा--भाजपा--लखनऊ उत्तर--लखनऊ--2.43 करोड़
23 साल के उम्मीदवार का पर्चा वैध
चुनाव आयोग ने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष तय की है। लेकिन एक उम्मीदवार ऐसा भी है, जिसकी उम्र 25 साल से कम है और आयोग ने उसका पर्चा वैध माना है।
यह प्रत्याशी हैं मैनपुरी की किशनी सीट से निर्दल आशीष निगम। लिखा पढ़ी में इनकी उम्र 23 साल बताई गई है। वहीं, 25 साल के सात उम्मीदवार मैदान में हैं।
75 साल से अधिक उम्र के आठ प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे उम्रदराज उम्मीदवार एनसीपी के डॉ. राम भरोसे पाल हैं जिनकी उम्र 81 साल है। वह इटावा की भरथना सीट से किस्मत आजमा रहे हैं।