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69000 शिक्षक भर्ती: SC में सुनवाई न होने से नाराज अभ्यर्थी लखनऊ में फिर दिखाएंगे दम, परिजन भी होंगे शामिल

Sat, 18 Apr 2026 07:34 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

69000 शिक्षक भर्ती केस में SC में सुनवाई न होने से नाराज अभ्यर्थी लखनऊ में एक बार फिर दम दिखाएंगे। इस बार प्रदर्शन में उनके परिजन भी शामिल होंगे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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69000 शिक्षक भर्ती मामला (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई न होने से नाराज आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 22 अप्रैल को फिर से राजधानी लखनऊ में दम दिखाएंगे। इस बार अभ्यर्थियों के साथ-साथ उनके परिजन भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। वहीं इस मामले में अलग-अलग आंदोलन कर रहे संगठन भी एकजुट होंगे।

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अभ्यर्थियों ने बताया कि उनका दो फरवरी से राजधानी के ईको गार्डेन में अनवरत धरना चल रहा है। किंतु सरकार इस मामले में चुप्पी साधे बैठी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार कोई पहल नहीं कर रही। इससे मामला टलता जा रहा है। इस प्रकरण की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सितंबर 2024 में हुई थी। उसके बाद से लगातार तारीख पर तारीख मिल रही है।

अभ्यर्थियों का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता ने कहा कि पिछली सुनवाई 19 मार्च को होनी थी लेकिन हुई नहीं। फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में अनलिस्टेड है। इससे सभी अभ्यर्थियों में बहुत आक्रोश है। हमने 22 अप्रैल को महाआंदोलन करने का फैसला लिया है। सुशील कश्यप ने बताया कि सभी जिले में समन्वयक बनाकर ब्लाक स्तर पर सम्पर्क किया जा रहा है। ताकि अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी आ सकें।
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आंदोलन में शामिल सुमित कुमार, विक्रम, अमित मौर्या आदि ने कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट और लखनऊ हाईकोर्ट डबल बेंच का फैसला, सब हमारे पक्ष में है। फिर भी हमारे साथ न्याय इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हम पिछड़े समाज से आते हैं। सरकार जल्द इस मामले में ठोस पहल नहीं करती है तो आंदोलन व्यापक होगा।

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