लखनऊ। बीकेटी के साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में कैंसर की करीब छह जांचें शुरू हो गई हैं। इसमें सर्वाइकल से लेकर पेट के कैंसर की जांच हैं।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि ओपीडी में हर दिन करीब 1200 मरीज आ रहे हैं। ओपीडी के 90 प्रतिशत मरीजों को खून की जांच लिखी जाती है। इसके अलावा भर्ती 100 प्रतिशत मरीजों को खून की जांच कराई जाती हैं। अस्पताल में खून से जुड़ी 150 तरह की जांचें हो रही हैं। पैथोलॉजी को विस्तार देते हुए कैंसर की छह से अधिक जांचें शुरू की गई हैं। इसमें पैप स्मीयर, सीए 125, सीए 19.9 व बीटा एचसीजी मार्कर शामिल है। बीटा एचसीजी जांच गर्भावस्था में कराई जाती है। महिलाओं में खास प्रकार के कैंसर कोरियो कॉर्सिनोमा का पता लगाने में भी यह कारगर है।
11 माह में 15 लाख जांचें हुईं
थायराइड, थैलसीमिया, आयरन प्रोफाइल, विटमिन डी, बी-12, कॉर्डियक मार्कर, ऑपरेशन से पहले की जानी वाली वायरल मार्कर, कल्चर सेंस्टीविटी, सीबीसी, हार्मोन समेत दूसरे टेस्ट की सुविधा भी अस्पताल में शुरू करा दी गई है। 11 माह में पैथोलॉजी विभाग में 15 लाख से अधिक खून की जांचें हुई हैं।
आठ सीएचसी की जांच अस्पताल में हो रही
स्पोक एंड हब मॉडल पर तीन मई को पैथोलॉजी लैब शुरू हुई थी। इसमें आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकेटी, इटौंजा, अलीगंज, गुडंबा, माल, मलिहाबाद, काकोरी व जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर से खून के नमूने लेकर जांच की जाती है।