डीसीपी साउथ अमित आनंद ने बताया कि मुश्ताक गांधीनगर बस्ती के रहने वाले थे। उन्हें 21 अप्रैल को एलटीयू वार्ड के बेड नंबर 11 पर भर्ती किया गया था। सितंबर 2025 में उनका ऑपरेशन भी हुआ था।
मुश्ताक के साथ उनके भाई मुख्तार बतौर तीमारदार मौजूद थे। रविवार रात मुश्ताक बेड पर सो रहे थे और मुख्तार जमीन पर लेटे थे। तड़के करीब चार बजे बगल के मरीज ने मुश्ताक का गला रेता हुआ देखा। उसने शोर मचाया, जिसके बाद मुख्तार और अस्पताल प्रशासन के लोग जाग उठे। सूचना पर पहुंची पुलिस को मौके से ब्लेड मिला है।
सोता रहा भाई, कुछ भी पता नहीं चल सका
मुश्ताक के भाई मुख्तार ने बताया कि रात को सब ठीक था। बगल के मरीज के शोर मचाने पर ही उन्हें घटना का पता चला। मुश्ताक की पत्नी शफीकुन निशा ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें दो-तीन दिन में छुट्टी मिलने की बात कही थी। परिवार को अचानक हुई इस घटना का कोई कारण नहीं पता। मुश्ताक की हार्डवेयर की दुकान थी और उनकी एक बेटी मंतशा है।
बीमारी और आर्थिक तंगी हो सकती है वजह
डीसीपी ने बताया कि शुरुआती छानबीन में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। पुलिस को संदेह है कि कैंसर और आर्थिक तंगी से परेशान होकर मुश्ताक ने यह कदम उठाया। पुलिस इसके अलावा भी अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है। वार्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही हैं।
मुश्ताक की फाइल फोटो।