लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं पर शोध करेगा। तकनीक के माध्यम से इन समस्याओं के समाधान के रास्ते भी तलाशे जाएंगे। संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने मंगलवार को स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन कार्यशाला में यह जानकारी दी।
प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र में तमाम स्वास्थ्य समस्याएं ऐसी हैं, जो शहर से अलग हैं। इन पर काम करने की जरूरत है। स्वास्थ्य योजना में वैज्ञानिक निर्णय बेहद अहम होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि अब भी ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी काम होना है। इसके लिए मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई विकसित होनी चाहिए। अपने कार्यकाल के दाैरान वह इसके लिए प्रयास करेंगे।
डॉ. ओशिमा सचिन ने बताया कहा कि भारतीय संदर्भ में तकनीकी का इस्तेमाल और भी जरूरी है। इसी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती हो सकती हैं। डॉ. गीता मेनन ने कहा कि किफायती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं में प्रौद्योगिकी बेहद अहम है। डाॅ.आयुष लोहिया ने कार्यशाला का संयोजन किया। कार्यशाला में डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. शरद सिंह, डॉ. विजयेंद्र कुमार और डाॅ. वरुण विजय ने भी प्रतिभाग किया।