केजीएमयू में तीन नए विभाग खोलने की तैयारी है। साथ ही सात विभागों में पीजी की 106 सीटें भी बढ़ने की उम्मीद है। इस संबंध में विवि प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। जुलाई में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण के बाद इन प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है।
केजीएमयू ने इस साल सुपर स्पेशलिटी पीजी (डीएम/एमसीएच) में कुल पांच सीटें हासिल की थीं। इसके साथ ही पीजी (एमडी/एमएस) में 53 सीटें बढ़वाने में कामयाबी पाई थी। इसके अलावा शासन की ओर से स्पोर्ट्स मेडिसिन और पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग भी खोलने में सफल रहा। इससे उत्साहित विवि प्रशासन ने नए सत्र वर्ष 2019-20 के लिए पीजी के तीन नए कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
इसमें ट्रॉमा सर्जरी में एमएस (ट्रामाटोलॉजी एंड सर्जरी), ट्रास्फ्यूजन मेडिसिन में एमडी ब्लड ट्रांस्फ्यूजन और स्पोर्ट्स मेडिसिन में एमडी स्पोर्ट्स मेडिसिन शामिल है। इसी तरह पीजी की सीटें बढ़ाने के लिए ऑपथैलमोलॉजी एमएस की आठ से 18 सीट करने, रेडियोडायग्नोसिस एमडी की दो से आठ सीटें करने रेडियोथेरेपी एमडी की छह से आठ सीट करने, एनेस्थीसियोलॉजी एमडी की 21 से 41 सीट पीडियाट्रिक एमडी की नौ से 18 सीट और रेस्पिरेटरी मेडिसिन की पांच से 10 आर्थोपेडिक एमएस की छह से 14 सीट करने का प्रस्ताव भेजा है। विवि के रजिस्ट्रार राजेश कुमार राय का कहना है कि प्रस्ताव के मुताबिक विवि में सभी मानक पूरे कर लिए गए हैं। एमसीआई के निरीक्षण के बाद इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है।