यूपी बोर्ड की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों की बिक्री अब राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से भी की जाएंगी। नए शैक्षिक सत्र से शिक्षा विभाग यह व्यवस्था करेगा। बाजार में एनसीईआरटी की पर्याप्त किताबें उपलब्ध न होने की वजह से विभाग यह व्यवस्था करने जा रहा है।
यूपी बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर वर्तमान सत्र से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम कक्षा 9 से 12वीं तक में लागू किया गया है। बोर्ड ने अपने चार निर्धारित प्रकाशकों से एनसीईआरटी की किताबें छपवाई हैं।
बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रकाशकों ने 31 विषयों की किताबें छापी हैं। लेकिन खुले बाजार में इक्का-दुक्का दुकानदार ही यूपी बोर्ड की एनसीईआरटी किताबें बेचते हैं। इस वजह से विद्यार्थियों को किताबों के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा फायदा निजी प्रकाशक उठाते हैं।
वे एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के आधार पर अपनी निजी किताबों की बिक्री करते हैं। क्योंकि इन किताबों पर दुकानदारों को ज्यादा कमीशन मिलता है, इसलिए वे धड़ल्ले से निजी प्रकाशकों की किताबों की बिक्री करते हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग ने बाजार में छापेमारी कर निजी प्रकाशकों की किताबें भी पकड़ीं थीं। किताबों की कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से किताबों की बिक्री करने की योजना बनाई है।