एलयू में चलने वाले सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में इस साल 15 फीसदी फीस बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है। विवि प्रशासन का तर्क है कि सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस में पिछले छह साल से बढ़ोतरी नहीं हुई है। महंगाई और अन्य खर्च को देखते हुए फीस में बढ़ोत्तरी करना मजबूरी है। इसलिए फीस बढ़ाना मजबूरी है। इसके साथ ही सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस आगामी वर्षों में सालाना पांच फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव भी है। इसके बाद कॉलेजों को भी अपनी फीस बढ़ाने का मौका मिलेगा।
शासन की मंशा डिग्री स्तर पर फीस में एकरूपता लाना है। ऐसा नहीं है कि सभी कॉलेजों में एलयू के मुकाबले ज्यादा फीस ही ली जा रही है। कई कॉलेज विवि से भी कम फीस ले रहे हैं। पत्रकारिता एवं जनसंचार कोर्स की फीस लविवि मेें सालाना 60 हजार रुपये जबकि शिया पीजी कॉलेज में महज 50 हजार रुपये है। इसी तरह रजत गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीकॉम की फीस 12 हजार है जबकि लविवि की फीस 25 हजार रुपये सालाना। वहीं बीकॉम की फीस कई कॉलेजों मे 30 से 35 हजार रुपये के पार है।