यूपी के इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए चल रही काउंसलिंग में पहले चरण में लगभग दो हजार विद्यार्थी ऐसे थे जो अपनी विलिंगनेस (कोई विकल्प) नहीं भर सके थे।
काउंसलिंग करा रहे एकेटीयू प्रशासन ने ऐसे छात्रों को फोर्स फ्लोट में डाल दिया है, ताकि वह काउंसलिंग से बाहर न हो जाएं। नियमानुसार पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट के बाद जिन अभ्यर्थियों को सीट अलॉट हुई थी उन्हें फ्रीज, फ्लोट या विड्रा में से एक विकल्प का प्रयोग करना था।
इन तीनों में से किसी भी विकल्प का प्रयोग न करने वाले को काउंसलिंग से बाहर कर दिया जाना था। ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 2000 थी।
प्रवेश समन्वयक प्रो. कुलदीप सहाय ने बताया कि काफी संख्या में विद्यार्थियों ने संपर्क किया कि वह व्यक्तिगत कारण से ऐसा नहीं कर सके।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने छात्रहित को ध्यान में रखते हुए ऐसे अभ्यर्थियों को फोर्स फ्लोट में करने का निर्देश एनआईसी अधिकारियों को दिया। ऐसे अभ्यर्थी दूसरे राउंड की सीट अलॉटमेंट के बाद चाहे तो विड्रा कर सकेंगे।