स्नातक परीक्षा के बाद जल्द रिजल्ट निकालने के लिए विषम सेमेस्टर की परीक्षा लिखित और सम सेमेस्टर की परीक्षा ओएमआर शीट पर कराने की बात कही गई थी। इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसलिए शिक्षक भी नहीं समझ पा रहे कि वे विद्यार्थियों के सवालों का क्या जवाब दें।
सेमेस्टर प्रणाली में मिड सेमेस्टर यानी सेशनल परीक्षा ऑनलाइन कराने का प्रस्ताव है। जिन पाठ्यक्रमों में पहले से सेमेस्टर प्रणाली लागू है, वहां इस समय सेशनल परीक्षा लिखित प्रणाली पर होती है।
ऑनलाइन परीक्षा में इसे बहुविकल्पीय आधार पर कराने का प्रस्ताव है। इसके लिए हर कॉलेज में करीब 50 सिस्टम की कंप्यूटर लैब स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। बहरहाल इस पर भी अभी तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
स्नातक में सेशनल के 20 नंबरों में भी काफी वर्गीकरण किया गया है। 20 में से 10 नंबर इंटरनल असेसमेंट के होंगे। बाकी के 10 प्रोजेक्ट के साथ ही अन्य गतिविधियों जैसे-एनसीसी, एनएसएस, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निर्धारित किए जाएंगे।
इसकेे लिए विद्यार्थी को फाइल तैयार करनी होगी। यह फाइल टाइप की हुई मान्य नहीं होगी। विद्यार्थी को इसे अपने हाथों से लिखकर तैयार करना होगा। अभी तक स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से फाइल तैयार कराने का काम भी शुरू नहीं हुआ है। सिर्फ दो दिन के अंतराल में फाइल तैयार कराना भी बड़ी चुनौती होगी। विद्यार्थी को पांच नंबर उपस्थिति और पांच नंबर प्रजेंटेशन के देने की बात कही गई है।
मंथन चल रहा है
परीक्षा प्रणाली को लेकर अभी हमारा मंथन चल रहा है। बैकपेपर परीक्षा के बाद इस पर प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों और संकायाध्यक्षों के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद परीक्षा प्रणाली की घोषणा कर दी जाएगी। - प्रो. एनके पांडेय, प्रवक्ता, लविवि