लखनऊ विश्वविद्यालय में चॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) सिर्फ कुछ पाठ्यक्रमों तक ही सीमित नहीं रहेगा। जल्द ही अन्य पाठ्यक्रमों में सीबीसीएस देखने को मिलेगा। लविवि में बुधवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने इस संबंध में शिक्षकों को निर्देश दिया है। बैठक में सभी संकाय के सिलेबस को मंजूरी दी गई। इनको 20 अगस्त को प्रस्तावित कार्य परिषद से मंजूरी मिलने के बाद वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
जानिए क्या है सीबीसीएस
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विद्यार्थियों को उनके मुख्य विषय के साथ ही अन्य विषयों का ज्ञान देने की नीयत से सभी विश्वविद्यालयों को सेमेस्टर प्रणाली के और सीबीसीएस लागू करने का निर्देश दिया है। इसकी खासियत होती है कि विद्यार्थियों को मुख्य विषय के अलावा किसी एक अन्य वैकल्पिक विषय लेने की सुविधा होती है।
लविवि में पूरी तरह से सेमेस्टर प्रणाली लागू की है। इसमें सिलेबस क्रेडिट सिस्टम पर तैयार किया है, लेकिन वैकल्पिक विषय लेने की व्यवस्था नहीं है। कुलपति ने आने वाले सत्र में इस पर काम करने को कहा है। उन्होंने बताया कि किस तरह से सीबीसीएस को और प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है।
आर्ट्स कॉलेज के सभी पेपर में 50 फीसदी होंगे सेशनल के नंबर
लखनऊ विश्वविद्यालय के शिल्पकला संकाय में पढ़ाए जाने वाले सभी पाठ्यक्रम के प्रश्नपत्रों में अब 50 फीसदी नंबर आंतरिक मूल्यांकन के तहत दिए जाएंगे। बाकी के 50 फीसदी नंबर ही लिखित परीक्षा के आधार पर दिए जाएंगे।
इसके साथ ही स्नातक और परास्नातक स्तर पर पूरी तरह से चॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू हो जाएगा। शिल्पकला संकाय जिसे शिल्पकला महाविद्यालय भी कहा जाता है, इसमें करीब 20 साल बाद पाठ्यक्रम बदला गया है। यहां पूरी तरह से चॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू किया गया है।
विधि संकाय के नए सिलेबस पर मुहर
लविवि के विधि संकाय में एलएलबी ऑनर्स के सिलेबस में भी बदलाव किया गया है। बदलाव के बाद सिलेबस में समाजशास्त्र और राजनीतिशास्त्र को शामिल किया गया है। अब एलएलबी ऑनर्स में 80 फीसदी प्रश्नपत्र कानून और 20 फीसदी प्रश्नपत्र गैर विधि के क्षेत्र के होंगे।
इसके साथ ही पाठ्यक्रम में कई पेपर के नाम बदले गए हैं और कुछ के सेमेस्टर में भी बदलाव किया गया है। संकाय ने एलएलएम के ऑर्डिनेंस में भी बदलाव किया है। अब एलएलएम में एक पेपर में पास होने के लिए न्यूनतम 24 नंबर ही लाने होंगे। अभी तक इसके लिए न्यूनतम 28 नंबर की अनिवार्यता थी।
नए संकाय में बीसीए और एमसीए का नया सिलेबस
लखनऊ विश्वविद्यालय में बीसीए और एमसीस अब इंजीनियरिंग संकाय के अधीन चलाए जा रहे हैं। इसके लिए इनका सिलेबस भी बदला गया है। अब बीसीए पाठ्यक्रम में भी अब इंटरनल एसेसमेंट होगा। इसके तहत हर पेपर में 70 नंबर की थ्योरी और 30 नंबर का आंतरिक मूल्यांकन होगा।
बीकॉम में होगा 100 नंबर का वाइवा
लविवि के वाणिज्य संकाय ने भी नया सिलेबस पास किया है। अब बीकॉम के अंतिम सेमेस्टर में एमकॉम की तरह वाइवा होगा। यह वाइवा 100 नंबर का होगा। संकाय ने इसके साथ ही कुछ पेपर के सेमेस्टर में बदलावा किया है। असल में विवि में सम सेमेस्टर की परीक्षा बहुविकल्पीय और विषम सेमेस्टर की लिखित प्रणाली पर होती है। कुछ पेपर ऐसे थे जिनमें बहुविकल्पीय सवाल बनाने में मुश्किल हो रही थी। इसलिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।