लखनऊ विश्वविद्यालय में जुलाई में शुरू होने जा रहे सत्र में विद्यार्थियों को पर्यावरण अध्ययन एवं राष्ट्र गौरव के पेपर से छूट मिल सकती है। विवि में स्नातक स्तर पर सभी विद्यार्थियों के लिए फिलहाल यह पेपर अनिवार्य है, इसे पास किए बिना डिग्री नहीं मिलती।
प्रस्तावित सेमेस्टर प्रणाली में सेशनल एग्जाम में पर्यावरण अध्ययन के साथ ही क्रियात्मक परीक्षा कराई जानी है। इसे देखते हुए पर्यावरण अध्ययन एवं राष्ट्र गौरव के पेपर को समाप्त करने पर विचार चल रहा है।
लविवि में स्नातक कक्षा में शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू होने वाली सेमेस्टर प्रणाली में हर पेपर में 80 नंबर की थ्योरी और 20 नंबर का सेशनल होना है। 20 में से 10 नंबर इंटरनल असेसमेंट के होंगे।
बाकी के 10 प्रोजेक्ट के साथ ही अन्य गतिविधियों जैसे- एनसीसी, एनएसएस, सांस्कृतिक और पर्यावरण पर आधारित गतिविधियों के लिए निर्धारित होंगे।
इस तरह से हर विद्यार्थी को पर्यावरण की पढ़ाई करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश होने की वजह से लविवि में राष्ट्र गौरव के साथ ही पर्यावरण अध्ययन की पढ़ाई होती है। हालांकि इसके नंबर नहीं जोड़े जाते।
नई व्यवस्था में न सिर्फ इसकी पढ़ाई होगी बल्कि इसके नंबर भी जोड़े जाने हैं। इसलिए अलग से एक अतिरिक्त पेपर कराने की व्यवस्था समाप्त करने पर विचार चल रहा है।