लविवि ने अपने आर्थिक हालत का हवाला देते हुए इसी सत्र में फीस में बढ़ोत्तरी की है। कई कोर्स के मामले में यह बढ़ोत्तरी 40 फीसदी तक है। यही वजह है कि विवि के छात्रावासों में चलने वाली मेस में प्रतिदिन 100 रुपये से ज्यादा खाने की फीस ली जाती है। विवि खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा परीक्षा फीस भी वसूलता है।
बढ़ने के बाद अनुदान में हो गई थी कटौती
समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लविवि की ग्रांट 34 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 44 करोड़ की गई थी। बढ़ी हुई ग्रांट का सिर्फ एक ही बार भुगतान हो सका। इसके बाद वर्तमान सरकार ने इसे वापस 34 करोड़ रुपये कर दिया तथा एक साल में बढ़े हुए 10 करोड़ रुपये काटकर पिछले साल का अनुदान भुगतान किया था। इस तरह से विवि को पिछले साल सिर्फ 24 करोड़ रुपये ही शासन से मिले थे।
उम्मीद है हर साल होगा इजाफा
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री ने विवि के फ्रीज अनुदान में 10 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। उम्मीद है कि बजट की तरह हर साल यह राशि 10 से 15 फीसदी तक बढ़ेगी। इस राशि का उपयोग छात्रावासों की मरम्मत में किया जाएगा। परिसर में विद्यार्थी सुविधा में इजाफा करने में भी अब आसानी होगी।