लखनऊ विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को प्रस्तावित फीस बढ़ोत्तरी में थोड़ी राहत दी है। सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस अब 30 के बजाय सिर्फ 15 फीसदी ही बढ़ाई जाएगी।
लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने के बाद यह घोषणा की।
एबीवीपी ने फीस बढ़ोत्तरी को लेकर सोमवार को भी विरोध-प्रदर्शन किया था। फीस बढ़ोत्तरी वापस न होने पर एबीवीपी ने 15 फरवरी से आंदोलन की घोषणा की थी।
लविवि कुलपति का तर्क था कि सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस में पिछले छह साल से बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। जबकि शिक्षकों का वेतन हर साल बढ़ाना पड़ता है। इसलिए हर साल पांच फीसदी की दर से 30 फीसदी फीस बढ़ोतरी मजबूरी है।
बढ़ी हुई फीस शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू होनी थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बढ़ी हुई फीस का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को कमेटी हॉल में हुई वार्ता में कुलपति ने विवि के बढ़ते खर्च तथा फ्रीज अनुदान का हवाला देते हुए हर साल कम से कम पांच फीसदी फीस बढ़ोतरी की बात कही। हालांकि बाद में वे फीस कम करने पर राजी हो गए।