लखनऊ विश्वविद्यालय ने 10 सहयुक्त कॉलेजों के 19 पाठ्यक्रमों में दाखिले पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों ने अस्थायी मान्यता की अवधि समाप्त होने के बावजूद स्थायी मान्यता और विस्तारण के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसे देखते हुए लविवि ने कॉलेजों को नए दाखिले लेने से मना कर दिया है। अगर कॉलेज इन पाठ्यक्रमों में दाखिले ले भी लेंगे तो उनकी परीक्षा नहीं कराई जाएगी।
विवि सेल्फ फाइनेंस योजना के तहत कॉलेजों को तीन साल के लिए मान्यता देता है। इसके बाद मान्यता स्थायी करानी होती है। इसमें एक साल छूट दी जाती है। चौथे साल से एक लाख रुपये प्रतिवर्ष जुर्माने के साथ दाखिला लेने की अनुमति होती है।
सात साल बाद कोर्स की मान्यता अपने आप समाप्त समझी जाती है। विवि ने इस साल मान्यता स्थायीकरण या फिर विस्तारण के लिए अंतिम तारीख 30 जून तय की थी। 10 कॉलेज ऐसे थे जिन्होंने अस्थायी मान्यता समाप्त होने के बावजूद अपना आवेदन ही नहीं भेजा।
ऐसे में इन पाठ्यक्रमों में दाखिले पर रोक लगा दी गई है। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1100 सीटें हैं। पाठ्यक्रमों में इस साल दाखिला नहीं लिया जाएगा, लेकिन द्वितीय और तृतीय वर्ष के दाखिलों पर इसका कोई असर नहीं होगा।