लखनऊ विश्वविद्यालय से बायोस्टेटिस्टिक्स और एडवांस कंप्यूटिंग में शोध और पढ़ाई का ख्वाब संजोए विद्यार्थियों का सपना अब पूरा होने वाला है। विवि के ओएनजीसी भवन में प्रस्तावित इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस कंप्यूटिंग की शुरुआत अगले महीने से हो जाएगी। संस्थान में सबसे पहले 15 मार्च से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
इसमें कंप्यूटर डिजाइनिंग, प्रोटीन स्ट्रक्चर प्रोडक्शन, बेसिक इंफॉर्मेटिक्स जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा। इस संस्थान के माध्यम से शोध के साथ ही डिप्लोमा, सर्टिफिकेट तथा ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। लविवि में शैक्षिक सत्र 2017-18 से ओएनजीसी भवन में इंस्टीट्यूट फॉर वाइल्ड लाइफ साइंसेज, इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज, इंस्टीट्यूट फॉर जियो रिसोर्स और क्लाइमेट स्टडीज, एपीजे सेंटर फॉर इनोवेशन और इंस्टीट्यूट फॉर डवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग की स्थापना की गई थी।
इन संस्थानों की स्थापना एडवांस रिसर्च के लिए हुई है। इसके साथ ही यहां सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रम भी संचालित होने हैं। प्रदेश सरकार ने इन संस्थानों के लिए दो करोड़ से लेकर पांच करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता भी दी है।
दावे के बावजूद विवि पिछले साल केवल इंस्टीट्यूट फॉर वाइल्ड लाइफ साइंसेज, इंस्टीट्यूट ऑफ डवलपमेंट स्टडीज और इंस्टीट्यूट फॉर जियो रिसोर्स और क्लाइमेट स्टडीज की ही शुरुआत कर पाया था। अन्य तीन पाठ्यक्रम शुरू नहीं हो सके थे। लविवि के प्रति कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी को इंस्टीट्यूट फॉर डवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग के निदेशक पद की जिम्मेदारी दी गई है।