उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद लविवि एक तरफ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षकों का भौतिक सत्यापन करने जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ कॉलेजों को शिक्षकों के अनुमोदन में फर्जीवाड़ा करने का पूरा मौका भी दे रहा है। विवि ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षकों का अनुमोदन करके कार्य परिषद की बैठक में कोर्स की मान्यता जारी कर दी है।
इसके बावजूद अभी तक उनकी सूची ऑनलाइन नहीं की गई है। अनुमोदन के बाद वही शिक्षक कॉलेज में पढ़ाएंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने की पूरी आशंका है। स्ववित्तपोषित डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों का अनुमोदन कराकर अनर्ह शिक्षकों से शिक्षण कराने की गलत परंपरा चलती आ रही है।
इसको देखते हुए प्रधानमंत्री से लेकर राजभवन और मुख्यमंत्री कार्यालय से डिग्री कॉलेज के सभी शिक्षकों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन करने का निर्देश दे रखा है। लविवि ने इसके बाद कॉलेजों से उनके यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का ब्योरा फोटोग्राफ सहित मांगा था।