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बीबीएयू में प्रवेश के लिए आवेदन 10 मार्च से, लखनऊ समेत इन जगहों पर बनेंगे प्रवेश परीक्षा केंद्र

Wed, 27 Feb 2019 04:14 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में नए सत्र 2019-20 में यूजी, पीजी, पीएचडी, डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश के लिए आवेदन 10 मार्च से शुरू होंगे। ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन हो सकेंगे। आवेदन फार्म विश्वविद्यालय की वेबसाइट bbau.ac.in पर उपलब्ध होगा।
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कुलपति प्रो. संजय सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सभी डीन व अधिकारियों की बैठक में प्रवेश कार्यक्रम पर अंतिम मुहर लगी।विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार विद्यार्थी वेबसाइट से सीधे फॉर्म डाउनलोड कर सकेंगे। ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 10 अप्रैल व ऑफलाइन 15 अप्रैल होगी। प्रवेश पत्र 30 अप्रैल से विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे।

प्रवेश परीक्षाएं 25 मई से 10 जून के बीच आयोजित की जाएंगी। प्रवेश परीक्षा परिणाम 1 जुलाई तक घोषित किए जाएंगे। चर्चा के बाद प्रवेश परीक्षा के लिए लखनऊ, दिल्ली, पटना, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे में केंद्र बनाने का निर्णय हुआ।
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ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा सिर्फ बीबीएयू केंद्र पर होगी।

बैठक में विभागों के पुनर्गठन का मुद्दा आया। कुलपति ने कहा कि पहले से चल रही व्यवस्था को प्रभावी रखें। उन्होंने प्रवेश परीक्षा और परीक्षा के आयोजन से संबंधित पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और आवश्यक बदलाव के संकेत भी दिए। उन्होंने प्रवेश, क्लास, परीक्षा व दीक्षांत समारोह समय पर आयोजित करने का निर्देश दिया। बैठक में रजिस्ट्रार प्रो. आरबी राम, प्रवेश समन्वयक प्रो. आरए खान आदि उपस्थित थे।
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100 फीसदी लें क्लास या विकल्प दें

डेमो
कुलपति ने डीन की बैठक में एक बार फिर शिक्षकों से नियमित क्लास लेने का अपना ध्येय दोहराया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को निर्धारित समय पर 100 फीसदी अपनी क्लास लेनी चाहिए। अगर वे क्लास के दौरान छुट्टी पर जाते हैं तो किसी अन्य शिक्षक का विकल्प देकर जाएं। ताकि विद्यार्थियों का किसी भी तरह से नुकसान न हो।

साल में दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा
बैठक में विश्वविद्यालय में शोध कार्य को और बेहतर बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। पिछले साल हुए कम दाखिले व कुछ विभागों में डीआरसी के विवाद की जानकारी हुई। कुलपति ने कहा कि साल में दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाए। विद्यार्थियों को बेहतर शोध के अवसर पर उपलब्ध कराए जाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो।
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