लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स को 25 हजार रुपये जुर्माने के लिए तैयार रहना होगा। सोमवार से शुरू हो रहे नए सत्र से पहले लविवि प्रशासन ने स्टूडेंट्स के लिए कड़े फरमान जारी किए हैं।
विज्ञापन
प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह द्वारा आदेश के अनुसार नए सत्र में स्टूडेंट्स के धरना-प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बाहरियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के साथ ही परिसर में स्टूडेंट्स के झुंड में चलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रॉक्टर के इस फरमान का स्टूडेंट्स संगठन ने कड़ा विरोध किया है।
उनका कहना है कि लोकतंत्र में इस तरह से जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना कतई सही नहीं है। इसका विरोध किया जाएगा। वहीं प्रॉक्टर ने नए स्टूडेंट्स को अपना आवंटन पत्र, जबकि पुराने स्टूडेंट्स को फीस रसीद या फिर परिचय पत्र साथ लाना अनिवार्य किया है।
विज्ञापन
बाहरी व्यक्ति के परिसर में पकड़े जाने पर उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। सभी वाहन पार्किंग में खड़े किए जाएंगे तथा परिसर के अंदर उनका प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इनका पालन न करने की सूरत में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
छात्र संगठनों ने किया विरोध
- फोटो : demo pic
छात्र संगठनों ने विवि के इस फरमान पर विरोध जताया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता विवेक सिंह मोनू ने कहा कि परिसर में धरना-प्रदर्शन बंद करना सही नहीं है।
समाजवादी छात्रसभा के अनिल सिंह मास्टर और राकेश समाजवादी ने कहा है कि परिसर में धरना-प्रदर्शन बंद करने का फरमान तुगलकी है। इस तरह से मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्र इसका विरोध करेंगे।
रैगिंग रोकने के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर
राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर-18001805522
कुलानुशासक कार्यालय- 05222740401
कुलानुशासक- 7991200510, 9415545453, 7991200536, 7991200511, 7991200512, 7991200513, 7991200514, 7991200515, 7991200516
कुलपति के निर्देश के बाद विवि के कई विभागों ने अपने यहां का टाइम टेबल जारी कर दिया है। अधिष्ठकाता कला संकाय प्रो. पीसी मिश्रा ने बीए और एमए की सभी कक्षाओं का टाइम टेबल नोटिस बोर्ड के साथ ही वेबसाइट पर डालने की बात कही है। जियोलॉजी और फिजिकल एजूकेशन विभाग ने भी अपने यहां का टाइम टेबल जारी कर दिया है।
कोऑपरेटिव लेंडिंग लाइब्रेरी से 20 के बाद मिलेंगी किताबें
लखनऊ विवि में कोऑपरेटिव लेंडिंग लाइब्रेरी से जुलाई के तीसरे सप्ताह से किताबें मिलेंगी। लाइब्रेरी के अध्यक्ष प्रो. पद्मकांत ने बताया कि लाइब्रेरी से स्टूडेंट्स को पूरे साल भर के लिए चार किताबें मिल जाती है। ये किताबें वह बीच में बदल भी सकता है। परीक्षा होने के बाद किताबें विभाग में जमा की जाती हैं।