ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण और इसके कारण पैदा हो रही विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए अपने शिक्षक, कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है।
कुलपति प्रो. अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि इन कठिन परिस्थितियों में विश्वविद्यालय अपने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ है। उन्होंने बताया कि यदि विश्वविद्यालय का कोई भी कर्मचारी या शिक्षक कोविड-19 संक्रमित होता है तो उसका चिकित्सकीय खर्च विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। इसी क्रम में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जल्द ही कुछ कंसंट्रेटर विवि को मिल जाएंगे।
इनको लेने का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों को विकट परिस्थितियों में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है।
प्रो. शुक्ला ने बताया कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पोर्टेबल होता है और 2-3 घंटे तक कि ऑक्सीजन इसके माध्यम से उपलब्ध होती है। साथ ही प्रो. शुक्ला ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से कोविड टीकाकरण कराने एवं कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन करने की अपील भी की है।
विवि 15 तक बंद, ऑनलाइन होगा काम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते विवि 15 मई तक बंद रखने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय की समस्त गतिविधियां ऑनलाइन होगी। क्लास भी ऑनलाइन ही चलती रहेंगी।