लखनऊ विश्वविद्यालय में परास्नातक कक्षाओं में दाखिले की दौड़ 21 अप्रैल से शुरू हो सकती है। साथ ही कई पाठ्यक्रमों की सीटों में भी इजाफा किया जा सकता है। इन सभी मुद्दोें पर मंगलवार को प्रवेश समिति की बैठक में मुहर लगाई जाएगी।
बैठक में प्रवेश परीक्षा के स्वरूप पर भी बदलाव किया जाना है। सीटें बढ़ाने का फैसला 18 मार्च को हुई विभागाध्यक्षों की बैठक में लिया गया था। करीब 30 से ज्यादा पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सीटें दोगुनी तक बढ़ाई जा सकती हैं।
लविवि पीजी प्रवेश समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने हैं। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया 21 अप्रैल से संभावित है।
सत्र 2017-18 में अपने संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने के लिए विवि में एलएलएम, एमए इन पर्शियन और एमए एजूकेेशन जैसे पाठ्यक्रमों की सीटें पहले के मुकाबले दो गुनी करने पर विचार किया जा चुका है।
75 अंकों की होगी प्रवेश परीक्षा
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विवि में अभी तक एलएलएम की केवल 30 सीटें थीं। अब 30 रेग्युलर सीटें और बढ़ाई जानी हैं। इसी तरह एमए पर्शियन की सीटें, 30 से बढ़ाकर 60 और एमए एजूकेशन की सीटें 15 से बढ़ाकर 30 कर दी जाएंगी।
वहीं कला, वाणिज्य, शिक्षा, विधि के साथ ही शिल्प कला संकाय की सीटें भी बढ़ाई जा रही हैं। इसी प्रकार डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में न्यूनतम 40 सीटेें होेंगी। डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अब केवल डिग्री कोर्स में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को ही दाखिला दिया जाएगा।
इसके अलावा विभिन्न कंपनियों और सरकारी कर्मचारियों को भी इन कोर्स में दाखिला दिया जाएगा। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि स्टूडेंट्स से सबसे कम फीस ली जाए।
पीजी प्रवेश परीक्षा 75 अंकों की होगी। इसके मॉडल में भी बदलाव किया गया है। यह ऑब्जेक्टिव होने की बजाय सब्जेक्टिव होगी। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि तीन सेक्शन निर्धारित किए गए हैं।
फीस भरने के दो विकल्प
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पहले सेक्शन में पांच सवाल होंगे। पांच-पांच अंक के इन सभी सवालों को 50 शब्दों के अंदर हल करना होगा। वहीं दूसरे सेक्शन में तीन सवालोें में से दो करना अनिवार्य होगा।
इन सवालों के लिए पंद्रह-पंद्रह अंक निर्धारित किए गए हैं और शब्द सीमा 150 निर्धारित की गई है। वहीं तीसरे सेक्शन में दो सवाल होंगे, जिनमें से एक सवाल को अधिकतम 300 शब्दों में हल करना होगा।
स्नातक की तर्ज पर परास्नातक कक्षाओं की मुख्य परीक्षाएं पूरी तरह से सेंट्रलाइज नहीं होंगी। सिर्फ कापियों का मूल्यांकन सेंट्रलाइज होगा। परीक्षा नियंत्रक एके शर्मा ने बताया कि पूरी परीक्षा की व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी विभागों की होंगी।
परीक्षा के दौरान पुरानी व्यवस्था ही लागू होगी। सिर्फ कॉपियों का मूल्यांकन सेंट्रलाइज किया जाएगा। प्रवेश परीक्षा की फीस को लेकर कई समस्याएं आईं हैं। इस समस्या से निपटने के लिए पीजी की प्रवेश परीक्षा की फीस के लिए विवि ने दो विकल्प उपलब्ध कराएं हैं। बैंक आॅफ बड़ौदा से आॅनलाइन पेमेंट करने के साथ-साथ पेमेंट गेटवे का भी प्रयोग कर सकते हैं।