केजीएमयू में एक तरफ कुलपति चयन की कवायद शुरू हो गई है तो दूसरी तरफ वर्तमान कुलपति पर लगे विभिन्न आरोपों की जांच भी शुरू हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. रजनीश दुबे ने हाई पॉवर कमेटी गठित की है। मंडलायुक्त के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी सभी शिकायतों का मूल्यांकन करेंगी। कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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केजीएमयू कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट के खिलाफ कई शिकायतें शासन को भेजी गई थी। इसमें रेजीडेंट भर्ती परीक्षा में पेपर लीक करने, जूनियर रेजीडेंटों की भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी करने, सीएम व पीएम फंड की दवाओं व इंप्लाट की लोकल परचेज खरीद में गड़बडी, उप चिकित्सा अधीक्षक की नियुक्ति में गड़बड़ी, चहेते सेवानिवृत्ति कर्मियों को तैनात करने, फार्मेसी पेपर लीक, पद का दुरुपयोग करने सहित विभिन्न तरह से आरोप लगे थे।
ये सभी शिकायतें शासन को भेजी गई थीं। अब शासन की ओर से इन सभी शिकायतों की जांच शुरू हो गई है। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण एवं वित्त नियंत्रक कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को सदस्य नामित कर दिया है। जारी आदेश में कुलसचिव व वित्त नियंत्रक को प्रकरण से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डा. सुधीर सिंह का कहना है कि कुलपति पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। जांच कमेटी जो भी दस्तावेज मांगेगी, उसे कुलसचिव व वित्त अधिकारी उपलब्ध कराएंगे।