कुलपति प्रो. राणा कृष्णपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक
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डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में नए सत्र 2019-20 में यूजी-पीजी सामान्य कोर्सों में 10 फीसदी सीट वृद्धि होगी। केंद्र द्वारा आर्थिक आधार पर दिए गए आरक्षण के बाद जारी निर्देशों के क्रम में यह सीटें बढ़ाई जाएंगी।
इसके लिए शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का विवि प्रशासन अनुपालन सुनिश्चित कराएगा। इस पर सैद्धांतिक सहमति मंगलवार को कुलपति प्रो. राणा कृष्णपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी।
साथ ही विभिन्न पाठ्यक्रमों में दिव्यांगता एवं पुनर्वास से संबंधित प्रश्न पत्र को अनिवार्य किया जाएगा। विवि के इस निर्णय से काफी विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर मिलेगा। वहीं नए सत्र में प्रवेश के लिए प्रो. अवनीश चंद्र मिश्रा व प्रो. नागेंद्र यादव को निदेशक नामित करने पर भी मुहर लगी।
प्रवेश समन्वयकों को जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया। बैठक में पीएचडी अध्यादेश पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें आरडीसी व डीआरसी में आंशिक संशोधन के साथ पीएचडी अध्यादेश 2016 को हरी झंडी दी गई। इससे पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया को पूरी करने में आसानी होगी।
कई डिप्लोमा कोर्स शुरू होंगे
एकेडमिक काउंसिल की बैठक
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विवि के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. अश्वनी कुमार दुबे ने बताया कि काउंसिल ने विद्यार्थियों में दिव्यांगता एवं पुनर्वास से संबंधित जागरूकता पैदा करने के लिए विवि के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दिव्यांगता एवं पुनर्वास से संबंधित प्रश्न पत्र को अनिवार्य करने का भी निर्णय लिया।
वहीं बीटेक पाठ्यक्रम में संशोधित शुल्क सत्र 2018-19 में प्रवेशित विद्यार्थियों से लागू करने पर भी सहमति बनी। इसी क्रम में विशेष शिक्षा संकाय के दृष्टिबाधितार्थ विभाग में ब्रेल लिपि में शोध पत्रिका के प्रकाशन पर भी सहमति बनी।
काउंसिल में विशेष शिक्षा संकाय के तहत सत्र 2020-21 से भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त नए पाठ्यक्रमों को प्रभावी करने का निर्णय लिया गया। इसमें डिप्लोमा इन कंप्यूटर एजुकेशन वीआई, डिप्लोमा इन अर्ली चाइल्ड हुड एजुकेशन एचआई, डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन, डिप्लोमा इन टीचिंग इन साइन लैंग्वेज आदि शामिल हैं
संकाय को लेकर हुई तीखी नोकझोंक
एकेडमिक काउंसिल की बैठक में संगीत एवं ललित कला संकाय का मुद्दा कुलपति के सामने आया। इसमें दो वरिष्ठ शिक्षकों के बीच आपस में तीखी नोकझोंक हुई। इसमें बीच में सुझाव देने पर डिप्टी रजिस्ट्रार से भी शिक्षकों की बहस हुई, जिसे कुलपति ने संभाला हालांकि शिक्षकों का कहना है कि बैठक के बाद भी डीआर ने इस पर गलत टिप्पणी की।
इसी तरह कार्य परिषद में सदस्यों के चक्रानुक्रम में नियुक्तियों का मुद्दा आया। इस पर भी कुछ शिक्षकों के बीच तीखी बहस हुईं। कुलपति ने आश्वस्त किया कि नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।