बख्शी का तालाब। अमानीगंज गांव में बाघ की दहशत में रतजगा कर रहे ग्रामीणों ने शनिवार को मचान बनाकर उस पर शरण ली। इसी मचान पर ग्रामीण बैठकर पहरा दे रहे हैं, जबकि परिवारों की बाकी महिलाएं और बच्चे शाम होते ही दरवाजे के अंदर बंद हो जाते हैं। उधर, वन विभाग के कर्मचारियों ने भी बाघ की तस्दीक के लिए रात में डेरा जमा लिया है।
आठ घरों के 50 सदस्यों की रात की नींद कई दिनों से पूरी नहीं हो पा रही है। बाघ की दहशत से परेशान ग्रामीणों को शनिवार को राहत की उम्मीद जगी। जब यह पता चला कि बाघ की तस्दीक के लिए वनकर्मी भी रात में अमानीगंज गांव में डेरा जमाएंगे। ग्रामीणों ने घरों के बीच लगभग छह से सात फीट की ऊंचाई पर मचान बनाया है, जिस पर रात बिताने की तैयारी की है। बीकेटी वन रेंज के एसआई मुबारक अली ने बताया कि रात में क्षेत्र में कॉम्बिंग कर बाघ की गतिविधियों को ट्रैक किया जाएगा। इससे पता चल सकेगा कि बाघ है या कोई अन्य जीव जंतु।