यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने योगी सरकार के एक साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम का बहिष्कार किया है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना उन्हें लेने भी पहुंचे लेकिन राजभर फिर भी नहीं गए। राजभर ने कहा है कि अमित शाह से बातचीत के बाद ही हम राज्यसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने का निर्णय लेंगे।
भाजपा के सहयोगी भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर ने कहा कि ये कार्यक्रम जिन्हें कुछ मिला है उनके लिए है, गरीबों के लिए नहीं। गरीबों की नहीं सुन रही सरकार इसीलिए मैं इसका विरोध करता हूं।
उनकी नाराजगी की वजह जब मीडिया ने पूछा तो राजभर ने कहा कि हम इस मकसद से गठबंधन किए थे कि गरीबों को न्याय मिलेगा। गरीबों की मूलभूत जरूरतें, राशन, आवास, शौचालय और शिक्षा मिलेगी लेकिन उनकी हालत जस की तस है। उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
राजभर ने कहा कि ये भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करते हैं लेकिन हर जगह गरीबों से पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप चलिए मेरे साथ किसी गांव में, वहां लोग बताएंगे कि शौचालय, आवास, राशन हर चीज के लिए पैसे मांगे जाते हैं। गरीब थाने में जाता है तो केस दर्ज करने के लिए भी रिश्वत मांगे जाते हैं।
हम सत्ता का सुख भोगने के लिए नहीं आए हैं
cabinet minister OP Rajbhar
- फोटो : amar ujala
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हम सत्ता का सुख भोगने के लिए यहां नहीं आए हैं। हम गरीबों की मदद करने के लिए सत्ता में आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी से, अमित शाह जी से, सबसे मैं अपनी समस्याएं कह चुका हूं लेकिन उन्होंने नहीं सुनी तब मीडिया के माध्यम से उन तक आवाज पहुंचाना चाहता हूं।
सरकार से गठबंधन तोड़ने के सवाल पर राजभर ने कहा कि इसी समस्या के निदान के लिए हम अमित शाह से बात करना चाहते हैं। भाजपा ने पिछड़ों का नाम लेकर वोट तो लिया लेकिन उनके लिए कुछ नहीं कर रही।
इन्हें सिर्फ काशी, मथुरा और अयोध्या दिखाई दे रही है। इनके विकास से हमें आपत्ति नहीं है लेकिन पहले राशन कार्ड तो बनवाओ, गरीबों के लिए काम तो करो। सिर्फ काशी, मथुरा और अयोध्या से ही इन्हें जीत नहीं मिल रही है।