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यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: बोनस न देने पर अब नियोक्ता को नहीं होगी जेल, 10 हजार रुपये देना होगा जुर्माना

Wed, 05 Apr 2023 10:24 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी कैबिनेट ने अब नियोक्ता को बोनस न देने पर जेल होने के प्रावधान को खत्म कर दिया है। हालांकि, जुर्माने की रकम एक से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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निजी क्षेत्र में अब अपने कर्मचारियों को बोनस नहीं देने पर नियोक्ता को जेल नहीं होगी। कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में बोनस संदाय अधिनियम 1965 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। नए प्रावधान में जुर्माने की राशि को एक हजार से बढ़ाकर दस हजार कर दिया गया है। अभी तक इस अधिनियम में बोनस न देने पर नियोक्ता को छह माह के कारावास का प्रावधान था।

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श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि बोनस संदाय अधिनियम 1965 के अनुसार किसी भी प्रतिष्ठान में कर्मचारियों या श्रमिकों को वेतन का न्यूनतम 8.33 प्रतिशत बोनस देना आवश्यक है। बीस या इससे अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाले सभी कारखाने और अन्य प्रतिष्ठान इस अधिनियम के अधीन हैं। 
अधिनियम का उल्लंघन करने पर इसमें कारखाना स्वामी को छह माह कारावास या एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान था। कैबिनेट की बैठक में इसमें संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब इसमें नियोक्ता को कारावास नहीं होगा।
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अब जुर्माना बढ़ाकर एक हजार से दस हजार रुपये कर दिया गया है। मंत्री राजभर के मुताबिक इससे निवेशक यूपी में निवेश के लिए आकर्षित होंगे और अधिक से अधिक इकाईयां शुरू होंगी। इससे ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आगे देखें अन्य फैसले: 

सरोजनी नगर के तीन वार्डों में मिलेगा शुद्ध पेयजल

राजधानी के सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के प्रथम एवं द्वितीय वार्ड और इब्राहिमपुर वार्ड में लोगों को पाइप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी। योगी कैबिनेट की बुधवार को आयोजित बैठक में अटल नवीनीकरण एवं शहरी रुपांतरण योजना के मिशन 2.0 के तहत सरोजनी नगर के तीन वार्ड मे पेयजल आपूर्ति के लिए 246 करोड़ 16 लाख 65 हजार रुपये की योजना मंजूर की गई।

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि योजना से सरोजनी नगर के प्रथम एवं द्वितीय वार्ड, इब्राहिमपुर वार्ड पेयजल योजना से वंचित हैं। इन इलाकों में हैंडपंप से पानी की आपूर्ति होती है। योजना से तीन वार्ड के सभी परिवारों को पाइप पेयजल के जरिए शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी। इससे 24,663 नल कनेक्शन दिए जोंगे। इससे 1.17 लाख लोगों लाभान्वित होंगे।

आगरा में पेयजल पुनर्गठन योजना के लिए मंजूरी
नगर विकास मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने अटल नवीनीकरण एवं शहरी रुपांतरण योजना के मिशन 2.0 के तहत आगरा के बुन्टूकटरा जोन में लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए 264 करोड़ 32 लाख 43 हजार रुपये की योजना को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि आगरा में वर्तमान में मानक से कम प्रति व्यक्ति पेयजल आपूर्ति (91.68 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) होती है। मानक के अनुसार पेयजल आपूर्ति करने के लिए सिटी वाटर एक्शन प्लान तैयार किया गया है। आगरा शहर के लिए प्रथम टै्न्च में बुन्टूकटरा जोन में पेयजल आपूर्ति एवं शहर के विस्तारित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए कैबिनेट ने पेयजल योजना मंजूर की है।

गाजियाबाद के दस वार्डों में बिछेगी सीवरेज लाइन
अटल नवीनीकरण एवं शहरी रुपांतरण योजना के मिशन 2.0 के तहत गाजियाबाद के दस वार्डों में 546 करोड़ 94 लाख 55 हजार रुपये की लागत से सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद के गगन विहार, भोपरा, राजीव कॉलोनी, कुत्ती, अर्थला, संजय कॉलोनी, करहैडा, पसौडा, गरीमा गार्डन, मौसम विहार में सीवरेज लाइन नहीं होने के कारण इन क्षेत्रों का अशोधित सीवरेज नालों के जरिए यमुना एवं हिंडन नदी में निस्तारित होकर दोनों नदियों को दूषित करता था। एनजीटी की ओर से भी इस मामले में कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीवरेज लाइन बिछने के बाद नालों में प्रवाहित हो रहे मानव मल से जनित बीमारियों पर भी अंकुश लगेगा।

प्राधिकरण के लिए नई टाउनशिप अब आसान

विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और आवास-विकास परिषद की ओर से नए शहरी क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इन संस्थाओं को नई टाउनशिप विकसित करने के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण और खरीद के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 50 फीसदी राशि 20 वर्ष के लिए सीड कैपिटल (पूंजी) के रूप में दी जाएगी। इसके लिए योगी कैबिनेट की बुधवार को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी।

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि विकास प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र प्राधिकरणों और आवास एवं विकास परिषद की ओर से नई सुनियोजित टाउनशिप विकसित करने की क्षमता में वृद्धि करने के लिए यह योजना लागू की गई है।

अभिकरणों को आवंटित राशि लेकर भूमि अधिग्रहण या खरीदने की कार्यवाही करनी होगी। उन्हें न्यूनतम 25 एकड़ में नई टाउनशिप विकसित करनी होगी। इस योजना से शहरीकरण को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। आवंटित राशि पर यदि कोई ब्याज मिलता है तो उसका उपयोग भी भूमि अधिग्रहण व खरीद में किया जाएगा।

गोरखपुर में खुलेगा होटल प्रबंध संस्थान

प्रदेश कैबिनेट ने गोरखपुर में राज्य होटल प्रबंध संस्थान स्थापित किए जाने को हरी झंडी दी है। इससे इस क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने में काफी सहयोग मिलेगा। प्रदेश सरकार प्रदेश के हर प्रमुख क्षेत्र में होटल प्रबंध संस्थान खोलने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत यह निर्णय लिया गया है। प्रदेश में तेजी से खुल रहे होटलों के लिए यहां से ट्रेंड युवक तैयार किए जा सकेंगे।

गोरखपुर पड़ोसी देश नेपाल व पड़ोसी राज्य बिहार से लगा है। यहां बौद्ध धर्म से जुड़े कई पर्यटक स्थल और होटल हैं। ऐसे में यहां प्रशिक्षित व पेशेवर युवाओं की जरूरत है। होटल प्रबंधन संस्थापन विभिन्न पाठ्यक्रमों से हर साल लगभग 1700 युवाओं को डिग्री देगा व उनका कौशल विकास करेगा। यहां 17 कोर्स प्रस्तावित किए गए हैं।

वाराणसी में वैदिक विज्ञान केंद्र के दूसरे चरण पर मुहर
वाराणसी में वैदिक विज्ञान केंद्र के दूसरे चरण के काम पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई है। बीएचयू में स्थापित इस केंद्र में 1.86 लाख से वुडेन फ्लोरिंग, कारपेट फ्लोरिंग, एकॉस्टिक वर्क, जीआरसी क्लेडिंग आदि का काम कराया जाएगा। इस केंद्र में शास्त्र और तकनीकी दोनों से जुड़ी शिक्षा दी जा रही है। जिसका लाभ हर विधा के छात्र उठा सकते हैं।
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सुरक्षा के लिए 76 स्कार्पियो खरीद को मंजूरी

प्रदेश में अति विशिष्ट एवं विशिष्ट लोगों की फ्लीट में सुरक्षा के लिए 76 स्कार्पियो गाड़ियां खरीदी जाएंगी। इस बाबत गृह विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा एसटीएफ लखनऊ को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। उनके लिए छह इलेक्ट्रिक कार वाहनों की खरीद होगी।

प्राधिकरण के लिए नई टाउनशिप अब आसान
विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और आवास-विकास परिषद की ओर से नए शहरी क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इन संस्थाओं को नई टाउनशिप विकसित करने के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण और खरीद के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 50 फीसदी राशि 20 वर्ष के लिए सीड कैपिटल (पूंजी) के रूप में दी जाएगी। इसके लिए योगी कैबिनेट की बुधवार को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी।

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि विकास प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र प्राधिकरणों और आवास एवं विकास परिषद की ओर से नई सुनियोजित टाउनशिप विकसित करने की क्षमता में वृद्धि करने के लिए यह योजना लागू की गई है।

अभिकरणों को आवंटित राशि लेकर भूमि अधिग्रहण या खरीदने की कार्यवाही करनी होगी। उन्हें न्यूनतम 25 एकड़ में नई टाउनशिप विकसित करनी होगी। इस योजना से शहरीकरण को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। आवंटित राशि पर यदि कोई ब्याज मिलता है तो उसका उपयोग भी भूमि अधिग्रहण व खरीद में किया जाएगा।
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