सहायता प्राप्त (अनुदानित) निजी महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी अब रिटायर्ड शिक्षकों से दूर की जाएगी।
सरकार इन्हें मानदेय पर रखने जा रही है। गुरुवार को कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
इसके तहत 64 साल तक के रिटायर्ड शिक्षक ही रखे जा सकेंगे।
प्रदेश में अनुदानित निजी महाविद्यालयों में शिक्षकों के 11272 पद सृजित हैं।
इनमें से 3514 पद काफी समय से खाली चल रहे हैं। नियमित शिक्षकों की नियुक्ति न होने का असर पढ़ाई पर पड़ रहा है।
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इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने संविदा प्रवक्ताओं की व्यवस्था खत्म करते हुए रिटायर्ड शिक्षकों की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया था, जिस पर गुरुवार को मुहर लग गई।
नई व्यवस्था के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर को 400 रुपये प्रति लेक्चर या अधिकतम 20 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
एसोसिएट प्रोफेसर को 500 रुपये प्रति लेक्चर या अधिकतम 22 हजार रुपये और प्रोफेसरों को 600 रुपये प्रति लेक्चर या अधिकतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।