पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के प्रस्तावा को कैबिनेट की मंजूरी के एक दिन पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर नाम बदलने की मंशा पर सवाल उठाए थे।
अखिलेश ने इलाहाबाद का नाम बदलने को आस्था के साथ खिलवाड़ बताया था। उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा, राजा हर्षवर्धन ने अपने दान से प्रयाग कुम्भ का नाम किया था और आज के शासक केवल नाम बदलकर अपना काम दिखाना चाहते हैं। इन्होंने तो अर्द्ध कुम्भ का भी नाम बदलकर कुम्भ कर दिया है। ये परंपरा और आस्था से खिलवाड़ है।
इसके पहले रविवार को सीएम योगी ने इलाहाबाद का नाम बदलने का एलान किया था। संतों ने इलाहाबाद में मार्गदर्शक मंडल की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। राज्यपाल ने भी इलाहाबाद का नाम बदलने के लिए कहा था।
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयाग किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि बाबर की औलादों के नामों से मुक्ति के लिए मुरादाबाद का नाम मन की बात नगर, फैजाबाद का नरेंद्र मोदीपुर और फतेहपुर का नाम अमित शाहनगर किया जाए। उन्होंने कई अन्य नगरों के नए नाम भी सुझाए हैं।
जस्टिस काटजू ने सोमवार को सोशल साइट पर पोस्ट किए गए अपने व्यंगात्मक कमेंट में इलाहाबाद का नाम प्रयाग करने के लिए मुख्यमंत्री योगी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अन्य नगरों को बाबर की औलादों के नाम से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को उनके नाम बदलने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़ का नाम अश्वत्थामा नगर, आगरा का अगत्स्यनगर, गाजीपुर का गणेशपुर, शाहजहांपुर का सुग्रीवपुर, मुजफ्फरनगर का नाम मुरली मनोहर नगर कर दिया जाए। इसी तरह आजमगढ़ का नाम अलकनंदापुर, हमीरपुर का हस्तिनापुर, लखनऊ का लक्ष्मणपुर, बुलंदशहर का बजरंगबलीपुर, गाजियाबाद का नाम गजेंद्रनगर या घटोत्कचनगर, फिरोजाबाद का द्रोणाचार्य नगर. फर्रुखाबाद का अंगदपुर, सुल्तानपुर का सरस्वतीनगर और मिर्जापुर का नाम मीराबाई नगर कर दिया जाए।