मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा का मुद्दा मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में भी छाया रहा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ कहा कि मुजफ्फरनगर में हालात बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाज में खाई पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो।
कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से रू-ब-रू मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में मुजफ्फरनगर की घटनाओं पर चर्चा हुई है।
कैबिनेट ने सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता जताते हुए समाज में खाई पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा शांति बहाली के लिए लोगों से सहयोग की अपील की।
सरकार ने अधिकारियों व सुरक्षा बलों को पूरी मुस्तैदी के साथ स्थिति सामान्य बनाने के निर्देश दिए हैं। दंगाइयों के साथ सख्ती बरतने तथा घर छोड़कर गए लोगों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
सरकार की कोशिश है कि सभी लोग सुरक्षित रहें। भाईचारा बना रहे और आगे किसी तरह की कोई वारदात न होने पाए।
जहां शांति कायम हो चुकी है वहां कड़ी निगरानी के साथ ही तनावग्रस्त इलाकों में अधिकारी लगातार मुआयना करते हुए हालात पर नजर रखें। जहां लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हों वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करके लोगों में विश्वास पैदा करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगाइयों के साथ किसी तरह की कोई रियायत नहीं की जाएगी। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता वहां अमन-चैन कायम करने की है।
बहुत से लोगों के गांव छोड़कर दूसरी जगह इकट्ठा होने की सूचनाएं हैं। इनके लिए जरूरी चीजों और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
मुजफ्फरनगर में भाजपा विधायकों की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि यह निर्णय स्थानीय प्रशासन को करना है। माहौल बिगाड़ने में जिनकी भी भूमिका पाई जाएगी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।