प्रदेश सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि के प्रयास को जारी रखते हुए धान के समर्थन मूल्य और प्रोत्साहन राशि दोनों में वृद्धि का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को धान के समर्थन मूल्य में 180 से 200 रुपये प्रति कुंतल और प्रोत्साहन राशि में प्रति कुंतल पांच रुपये वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
किसानों को प्रति कुंतल 185 से 205 रुपये प्रति कुंतल पिछले साल से अधिक मिलेंगे। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में धान खरीद की शुरुआत एक अक्तूबर से और कुछ में एक नवंबर से होगी।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश कैबिनेट ने नई धान खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। इस बार सामान्य श्रेणी का धान 1750 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए के धान की खरीद 1770 रुपये प्रति कुंतल की जाएगी।
पिछले साल से यह क्रमश: 180 और 200 रुपये अधिक है। इसके अलावा किसानों को छनाई और उतराई के लिए रूप में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 15 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति कुंतल कर दी गई है। इस तरह किसानों को साधारण धान की बिक्री पर पिछले साल की अपेक्षा 185 रुपये और ग्रेड ए के धान पर 205 रुपये प्रति कुंतल अधिक मिलेंगे।
शर्मा ने बताया कि इस सीजन में 50 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। पिछले साल 43 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य था। धान खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। अब तक 1.5 लाख किसान धान खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को धान बेंचने के 72 घंटे के भीतर आरटीजीएस के जरिए खाते में भुगतान कर दिया जाएगा।
दो दिन सिर्फ लघु व सीमांत किसानों से ही खरीद
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि लघु व सीमांत किसान हर दिन धान की बिक्री कर सकेंगे। लेकिन सप्ताह में दो दिन सिर्फ लघु व सीमांत किसानों से ही धान खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक संख्या इसी जोत वर्ग के किसानों की होती है, इसलिए उनकी सहूलियत के लिए सरकार ने यह फैसला किया है।
किसानों के रकबे का सत्यापन भी होगा
धान खरीद में पिछले बार की गड़बड़ियों का सरकार ने सबक लिया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद निवेदिता शुक्ला वर्मा ने बताया कि धान बेंचने वाले किसानों को खतौनी लगानी होगी। खतौनी का सत्यापन भी कराया जाएगा।
इससे पता चल सकेगा कि किसान वास्तव में अपने ही उपज की बिक्री कर रहा है। इसके अलावा प्रत्येक धान खरीद का क्षेत्र तय किया जाएगा। तय राजस्व क्षेत्र के लोग ही संबंधित केंद्र पर धान बेंच पाएंगे। हालांकि मंडी में कहीं के भी किसान धान बेंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रयास है कि किसी भी किसान को आठ किलोमीटर से अधिक दूरी न तय करनी पड़े। क्रय केंद्र डीएम तय कर रहे हैं।
मिलर्स को अब 20 रुपये प्रति कुंतल प्रोत्साहन
इसके अलावा मिलर्स को धान से चावल बनाकर एक महीने में आपूर्ति करने पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 10 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाकर 20 रुपये प्रति कुंतल करने का फैसला किया है। पिछले साल 10 रुपये प्रति कुंतल था। धान कुटाई के लिए 10 रुपये प्रति कुंतल दी जाने वाली राशि इससे अलग होगी। मिलर्स यदि 45 दिन से अधिक देरी पर चावल की आपूर्ति करेंगे तो उन्हें एक रुपये प्रति कुंतल होल्डिंग प्रभार अदा करना पड़ेगा।
समर्थन मूल्य (रुपये प्रति कुंतल)
धान पिछले साल अब
कामन 1550 1750
ग्रेड ए 1590 1770