लखनऊ। सुल्तानपुर के ज्ञानीपुर शिवगढ़ निवासी कैब चालक मो. गुलफाम अहमद की सीएनजी भरवाने के विवाद में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी बाराबंकी हुसैनमऊ निवासी साहिल को गिरफ्तार किया है। साहिल का भाई आदिल और तौफीक भागे हुए हैं। पुलिस कंचनपुर मटियारी निवासी आरोपी समीर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि आरोपी साहिल भी कैब चालक है। साहिल ने बताया कि 22 मई को वे गुलफाम की अर्टिगा कार से बाराबंकी जा रहे थे। रास्ते में सीएनजी भरवाने पर उनका गुलफाम से विवाद हो गया। आरोपियों ने बाराबंकी के माती के नईमऊ गांव के पास नहर किनारे चाकू से गला रेतकर गुलफाम की हत्या कर दी और शव झाड़ियों में छुपा दिया। बुधवार को बाराबंकी से गुलफाम का कंकाल साहिल की निशानदेही पर बरामद किया गया।
हत्या, साक्ष्य छुपाने और साजिश रचने की धाराएं बढ़ाईं : इंस्पेक्टर ने बताया कि गुलफाम का शव मिलने के बाद एफआईआर में हत्या, साक्ष्य छुपाने और साजिश की धाराएं बढ़ाई गईं। एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि बाराबंकी में मिले कंकाल का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।
यह है पूरी घटना : मो. गुलफाम अहमद 22 मई को गोरखपुर से अर्टिगा कार लेकर लखनऊ के लिए निकले थे। वह इसके बाद घर नहीं पहुंचे थे। गोरखपुर निवासी वाहन मालिक शंकर ने बासगांव थाने में और परिजनों ने चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। गुलफाम के भाई इश्तियाक ने बाद में आदिल, साहिल, समीर और एक साथी गुलफाम के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी साहिल।